गैरसेंण सत्र में रावत सरकार लाएगी 1500 करोड़ का सप्लीमेंटरी बजट

राज्य सरकार 17-18 अक्टूबर को गैरसेंण में होने वाले विधानसभा सत्र में करीब 1500 करोड़ रुपये का सप्लीमेंटरी बजट पास कराने जा रही है. इसको लेकर कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है. सोमवार की शाम सचिवालय में हुई हरीश रावत कैबिनेट की बैठक में करीब तीन दर्जन मामलों में फैसले लिये गये हैं, जिनमें कई विभागों की नियमावली और एक्ट में संशोधन के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है. गैरसेंण सत्र में विधेयक लाकर सरकार संशोधन करने जा रही है.

उपनल कर्मियों को संविदा में रखने के लिये क्या प्रक्रिया अपनायी जाए, इस पर कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह एवं नवप्रभाव की समिति गठित की जायेगी. सचिव सैनिक कल्याण व कार्मिक समिति को सहायता उपलब्ध करायेगा. यह समिति उपनल कर्मियों से हुए समझौते पर विचार-विमर्श कर अपनी संस्तुति करेगी.

गेस्ट टीचरों के मामलें में शॉर्ट सर्विस कमिशन बनाने का प्रस्ताव. इस संबंध में गेस्ट टीचरों को नियुक्ति प्रदान करने और उच्च न्यायलय के आदेशों के आलोक में आगे की कार्रवाई के लिए सुझाव देने के लिये कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, नवप्रभाव एव प्रीतम सिंह की एक समिति गठित की जायेगी, जो अपनी संस्तुति प्रस्तुत करेगी.

कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
– आंगन कार्यकत्रियों के संबंध में उनके प्रमोशन का कोटा व मानदेय के मामलों पर विचार-विमर्श हुआ
– राज्यों की परम्परागत फसलों के खरीद के संबंध में सम्यक नीति निर्धारण एक एक्ट के माध्यम से किये जाने का निर्णय.
– राज्य में फिजियोथेरफिस्ट काउंसिल गठन के लिये सैद्धांतिक सहमति
– पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों को उनकी आजीविका सृजन एवं विभिन्न गतिविधियों के लिये भूमि लीज़ पर लेने के लिये एक लाख रूपये का अनुदान दिये जाने का निर्णय.
– अनुपूरक विनियोग विधेयक के अन्तर्गत लगभग 1500 करोड़ रूपये के प्रस्तावों को मंजूरी.
– किसान आयोग का गठन, इसमें एक अध्यक्ष, 02 उपाध्यक्ष तथा 07 गैर सरकारी सदस्य होंगे.
– राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय खेलों में जो खिलाड़ी मेडल जीतेंगे, उनको पुरस्कार देने के लिये धनराशि का निर्धारण, जैसे ऑलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने पर 1.5 करोड़ रूपये की धनराशि दी जायेगी. इसी प्रकार नेशनल व एशियन गेम्स में पदक जीतने पर खिलाड़ियों को धनराशि दी जाने की व्यवस्था. ऑलम्पिक में जाने वाले कोचेज को भी पुरस्कार रूप में 05 लाख की धनराशि दी जायेगी.
– टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण को भवनों के नक्शे पास करने के अधिकार. केदारनाथ विकास प्राधिकरण को भी 02 तल तक के भवनों के नक्शे पास करने के अधिकार.
– उपखनिज सोपस्टोन यानि खड़िया रॉयल्टी की दरों में विभिन्न स्तरों में संशोधन को मंजूरी, पहले 5लाख रूपये था अब क्षेत्रफल से शुल्क निर्धारण.
– निगमों के लिए चुगान पट्टों की अवधि होगी 5वर्ष की, स्टोन क्रशर स्क्रीनिंग प्लांट नई निति को भी मंजूरी, उपकरण अत्याधुनिक होंगे, मशीनों को कवरशेड करना ज़रूरी.
– कृषि उत्पाद मंडी विकास एवं विनियमन एक्ट में होगा संशोधन, मंडी बोर्ड में 1 पद उपाध्यक्ष का बढ़ेगा, 1 कार्यकारी का नया पद, मंडी एक्ट का संशोधन विधेयक लाया जायेगा गैरसेंण सत्र में.
– अधिवक्ता कल्याण निधि अधिनियम में संशोधन को मंजूरी, वकीलों के वाद के लिए 10 से बढ़ाकर 20 रुपये का वकालतनामा, बढ़ा हुआ 10 रुपये अधिवक्ता कल्याण कोष में देने का फैसला