विवादित मुस्लिम धर्म प्रचारक जाकिर नाइक के NGO पर पांच साल का प्रतिबंध

केंद्र सरकार ने मुस्लिम धर्म प्रचारक जाकिर नाइक की संस्था ‘इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन’ पर मंगलवार देर शाम पांच साल के लिए बैन लगा दिया. जाकिर की संस्था पर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है. इससे पहले जाकिर नाइक के एनजीओ पर विदेशों से चंदा लेने पर रोक लगा दी गई थी.

जाकिर नाइक की संस्था ‘इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन’ उस वक्त घेरे में आ गई थी, जब बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले के दौरान आतंकी ने जाकिर नाइक के भाषणों का हवाला दिया था. गृह मंत्रालय आतंक रोधी कानून के तहत जाकिर नाइक की संस्था पर प्रतिबंध लगाने जा रही है.

खबरों के अनुसार इसको लेकर कैबिनेट की मीटिंग के लिए गृह मंत्रालय ने मसौदा भी तैयार कर लिया है. आधिकारिक सूत्रों की मानें तो जाकिर नाइक की एनजीओ को प्रतिबंधित करने से पहले तमाम गैरकानूनी गतिविधियों की जांच की गई है, जिसके बाद संस्था के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियों से रोकधाम अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है.

जांच में यह भी बात सामने आई है कि जाकिर नाइक की संस्था पीस टीवी से संबंध रखती है. जाकिर नाईक ने विदेशी खाते से पीस टीवी को पैसा भी भेजा है. आपको बता दें कि पीस टीवी पर आतंकवाद का प्रचार-प्रसार करने का आरोप है.

गृह मंत्रालय ने जाकिर नाइक के एनजीओ ‘इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन’ पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए FCRA लाइसेंस रद्द करने से पहले फाइनल नोटिस दे दिया है. सूत्रों के मुताबिक एनजीओ के पिछले जवाब से गृह मंत्रालय संतुष्ट नहीं है. जाकिर नाइक के एनजीओ की फंडिग पहले ही रोक दी गई है. जाकिर नाइक इस वक्त मलेशिया में रह रहे हैं.