ATM की लाइन में खड़े होने की कोई जरूरत नहीं, इस तरह आपके घर पहुंचेंगे रुपये

500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद नए नोट पाने में लोगों को हो रही दिक्कतों को आसान बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जो कदम उठाए गए हैं उसमें से एक माइक्रो एटीएम भी है.

माइक्रो एटीएम का चलन शायद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर देश में किया जा रहा है. आपको जानकर हैरानी होगी कि माइक्रो एटीएम सुविधा में पैसे आपके घर तक खुद ही पहुंच जाते हैं.

वित्‍त सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि ग्रामीण इलाकों जहां एटीएम सुविधा नहीं है, वहां सरकार जल्‍द माइक्रो एटीएम पहुंचाएगी ताकि लोगों की परेशानी कम हो सके.

दास के अनुसार नकदी की कोई कमी नहीं है, लेकिन लोगों तक पहुंचाने के लिए चैनल्‍स की कमी है. सरकार एटीएम मशीनों को नए नोट के हिसाब से अपग्रेड कर रही है और इसके लिए टास्‍क फोर्स भी बनाई गई है, जो यह काम तेजी से करेगी. इसके अलावा माइक्रो एटीएम लगाए जाएंगे.

भारत में माइक्रो एटीएम उन मशीनों को कहा जाता है जो बैंकों या होटलों में स्‍वाइप कार्ड मशीन की तरह होती हैं. इन मशीनों में यूजर को कार्ड स्‍वाइप कर एटीएम की तरह पिन नंबर डालना होता है. लोगों को पैसे देने और उनके पैसे जमा करने के लिए बैंक मित्र मौजूद होते हैं जो उन्‍हें पैसे देते हैं.

इसके अलावा माइक्रो एटीएम वो भी होते हैं जो छोटे आकार की एटीएम की तरह नजर आने वाली मशीन होती हैं. इन मशीनों को वैन या अन्‍य छोटे वाहन में रखकर कहीं भी ले जाया जा सकता है. यह वाहन उन जगहों पर जाएंगे जहां एटीएम नहीं है और लोग इनकी मदद से पैसे निकाल और जमा कर पाएंगे.

फिलहाल यह सुविधा कम उपलब्‍ध है लेकिन जल्‍द ही इसे ग्रामीण इलाकों में उपलब्‍ध करवाया जाएगा. माइक्रो एटीएम भी आम एटीएम की ही तरह काम करती है. इसमें पैसे निकालने के लिए डेबिट कार्ड, एटीएम पिन नंबर की जरूरत होती है. ग्राहकों की मदद के लिए वहां एक बैंक मित्र भी होगा जो मशीन चलाने में मदद करेगा.