देहरादून : हरीश रावत के आवास से नोट (कालाधन) निकलने की अफवाह फैलाने वाला हिरासत में

देशभर में नोट बंदी से जहां एक ओर लोग परेशान हैं. वहीं अफवाह फैलाने वाले भी पूरे जोश में हैं. इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के अस्थायी राजधानी देहरादून स्थित आवास से नोटों भरे थैले निकलने के दुष्प्रचार से रविवार को सरकार से लेकर पुलिस तक हिल गई.

हैरत की बात तो यह है कि यह संदेश भी पुलिस के व्हाट्ऐप ग्रुप में डाला गया. फिर क्या था हरकत में आई पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को पकड़ लिया.

देर रात तक पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जा रही थी कि यह सब किसके इशारे पर हुआ है. मोदी सरकार द्वारा पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट को चलन से बाहर किए जाने के बाद से सोशल साइट पर झूठे संदेशों की भरमार है.

रविवार को देहरादून में पुलिस के एक व्हाट्सऐप ग्रुप में झूठा संदेश डाला गया कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के दिशा-निर्देश पर उनके आवास से जारी फरमान में सूचना विभाग, होमगार्ड, चपरासी, पुलिस कांस्टेबल, अधिकारियों को नोट बदलने की ड्यूटी पर लगाया गया है.

कहा गया, ‘मुख्यमंत्री आवास पर जिस तरह गहमागहमी है, उससे अंदाज लगता है कि कुछ तो गड़बड़ है. सूत्रों के हवाले से प्रचार किया गया कि मुख्यमंत्री आवास से बड़े कई थैले नोटों से भरे निकाल कर 4000-4000 हजार रुपये गार्ड, चपरासी, पुलिस कांस्टेबल को बांटे गए हैं.’

‘सूचना विभाग के सभी कर्मचारियों को 10-10 हजार रुपये दिए गए हैं.’ रात होते-होते पुलिस के फोन खटकने शुरू हो गए. एसपी सिटी अजय सिंह की अगुवाई में सक्रिय हुई पुलिस ने ग्रुप में मैसेज डालने वाले अमित सिंह नेगी को हिरासत में ले लिया.

कोतवाली ले जाकर उससे लंबी पूछताछ की गई. एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि आरोपी नेगी के खिलाफ कोतवाली निरीक्षक एसएस बिष्ट की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है. साथ ही इस ग्रुप को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं.