OROP: रामकिशन क़र्ज़ में डूबे हुए थे, कई लोगों को पेंशन दिलाने का दे चुके थे झांसा

रामकिशन ने पहले घर में ही खुदकशी करने की सोची थी। बाद में वन रैंक वन पेंशन आंदोलन में शामिल होने के बहाने घर छोड़ा था। भिवानी के नेहरू पार्क में चारों ने पहले बैठक की फिर कपड़े देखने के बहाने सल्फास की गोलियां खरीदी थीं। इसकी भनक अपने तीनों साथियों को भी नहीं लगने दी थी। रामकिशन ग्रेवाल आत्महत्या प्रकरण की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच में यह बात सामने आई है।

क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, रामकिशन ने 1968 में सेना में नौकरी शुरू की थी। छह साल तक वह टेरीटोरियल आर्मी में रहे। यह मिलिट्री का पार्ट नहीं है। बाद में रामकिशन ने आर्मी के डीएससी की नौकरी ज्वाइन की। वह करीब 22 साल तक सेना में रहा।

सेना से सेवानिवृत्त होने पर वह गांव में आकर सरपंच बन गए। क्राइम ब्रांच का कहना है कि उसने गांव व आसपास के कई लोगों से लाखों रुपये कर्ज लिया था।

कर्ज का बोझ बढ़ने व पेंशन कम मिलने पर वह मानसिक तनाव में रहने लगे। पहले कई सालों तक उनकी अपने गांव के आसपास रहने वाले पूर्व सैनिकों से कोई बातचीत नहीं होती थी, लेकिन उन्होंने 31 अक्टूबर को पांच साथियों को लंबे समय बाद फोन पर बातचीत की। उन्होंने पेंशन ठीक कराने के लिए दिल्ली चलने को कहा। पूर्व सैनिक पृथ्वी सिंह व जगदीश राय 31 अक्टूबर की दोपहर भिवानी आ गए। इन तीनों की पहले नेहरू पार्क में बैठक हुई। राजकुमार भी वहां आ गए।

1 नवंबर को चारों ट्रेन से दिल्ली आ गए। रक्षा मंत्रालय, जवाहर भवन के पास पार्क में चारों कुछ घंटे तक बैठे रहे। बाद में पृथ्वी सिंह व जगदीश जब किसी काम से पार्क से चले गए, तभी रामकिशन ने सल्फास की गोलियां निगल ली। राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मौत हो गई।

क्राइम ब्रांच ने पूर्व सैनिक और उनके बेटे के मोबाइल फोन जब्त कर लिये हैं। पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के परिजनों ने शुरू से ही दावा किया है कि रामकिशन ने आत्महत्या वन रैंक वन पेंशन लागू कराने के लिए की है। पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल व उनके बेटे प्रदीप की ऑडियो क्लि¨पग में भी इस बात का खुलासा हो चुका है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम गत दिवस बामला पहुंची थी और रामकिशन ग्रेवाल द्वारा उपयोग किए गए नोकिया 1208 व प्रदीप ग्रेवाल के सोनी एक्सपीडिया सी-3 मोबाइल सेट को जब्त कर लिया। क्राइम ब्रांच की टीम इन सेटों को अपने साथ दिल्ली ले गई है।