हड़ताल कर रहे गेस्ट टीचरों पर चला हाईकोर्ट का डंडा, सरकार को एस्मा लगाने का आदेश

उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून में हड़ताल और हंगामा करने वाले गेस्ट टीचरों पर हाईकोर्ट सख्त हो गया है. गेस्ट टीचरों की हड़ताल से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को एस्मा लगाने का आदेश दिया है.

अधिवक्ता मनीष कुमार पाण्डेय की ओर से नैनीताल स्थित हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर गेस्ट टीचरों की हड़ताल को चुनौती दी गई थी. जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस आलोक सिंह की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की. तमाम दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हड़ताली शिक्षकों के खिलाफ एस्मा लगाने का आदेश दिया है.

हालांकि हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपने आदेश में गेस्ट टीचरों को भी फौरी तौर पर राहत देते हुए कहा है कि पुलिस इनके खिलाफ बल प्रयोग नहीं करेगी, लेकिन हड़ताली शिक्षक भी कानून व्यवस्था हाथ में नहीं लेंगे. कोर्ट से गेस्ट टीचरों की जायज मांगों पर आठ हफ्ते के भीतर विचार करने का भी निर्देश राज्य सरकार को दिया है. सुनवाई के दौरान जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस आलोक सिंह की खंडपीठ ने कहा है कि अब अल्पकालिक और अस्थाई व्यवस्था नहीं चलेगी. राज्य सरकार स्थाई नियुक्तियों पर जल्द से जल्द फैसला ले.

गौरतलब है कि इससे पहले भी हाईकोर्ट की एकलपीठ ने गेस्ट टीचर्स से जुड़े तमाम शासनादेश रद्द कर दिए थे और कहा था कि 31 मार्च 2017 के बाद अस्थाई व्यवस्था नहीं चलेगी. सरकार ने नया शासनादेश जारी कर मार्च 2017 तक गेस्ट टीचरों को एडजस्ट करने का प्लान बनाया था. लेकिन नए शासनादेश के बावजूद गेस्ट टीचर की कई मागों को लेकर हड़ताल पर हैं.