बीजेपी चाहे तो 2007 के बाद के सभी मुख्यमंत्रियों की संपत्ति की न्यायिक जांच को तैयार : हरीश रावत

बीजेपी नेताओं द्वारा अपने खिलाफ लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को निराधार बताते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि अगर विपक्षी पार्टी चाहे तो वह स्वयं सहित साल 2007 से बने राज्य के सभी मुख्यमंत्रियों की संपत्ति की हाईकोर्ट के सेवारत न्यायाधीश से जांच कराने को तैयार हैं.

अस्थायी राजधानी देहरादून में गुरुवार को संवाददाताओं द्वारा राज्य और केंद्र के बीजेपी नेताओं द्वारा उन पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री रावत ने कहा, ‘पिछले कुछ समय से बीजेपी नेता मेरे खिलाफ बिना किसी आधार के एक के बाद एक भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं. अगर वे तैयार हों और इसके बारे में मुझे लिखित में दें, तो साल 2007 के बाद बने सभी मुख्यमंत्रियों की संपत्ति की जांच हाईकोर्ट के सेवारत न्यायाधीश से कराने के लिए तैयार हूं.’

प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष अजय भट्ट, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी और राज्य में पार्टी मामलों के प्रभारी श्याम जाजू सहित कई बीजेपी नेता हरीश रावत पर शराब और खनन माफिया के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते रहे हैं.

इन सभी आरोपों को ‘निराधार’ बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने खनन का एक भी पट्टा जारी नहीं किया है.

उन्होंने कहा, ‘मेरी सरकार ने खनन का कोई पट्टा नहीं दिया है. जहां तक शराब माफिया के साथ हमारे कथित संबंध की बात कही जा रही है हमने शराब लाइसेंस के जरिए निजी सिंडीकेट के एकाधिपत्य पर विराम लगाया और उसे सरकारी उपक्रमों के हवाले कर दिया, जबकि बीजेपी ने इसके उलट अपने कार्यकाल के दौरान शराब कारोबार को सरकारी उपक्रमों से छीनकर उन्हें पौंटी चड्ढा समूह को सौंप दिया था. इससे साफ जाहिर है कि माफिया के साथ किसकी मिलीभगत है.’

बीजेपी को राज्य सरकार के खिलाफ अपना ‘अनर्गल प्रलाप’ बंद करने की सलाह देते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि इसकी बजाय उसे विकास की बात करनी चाहिए. लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर लिए जाने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा नियुक्त पैनल द्वारा बनाई गई नामों की सूची राज्यपाल को भेजी जा चुकी है और इस संबंध में अब उनकी मंजूरी की प्रतीक्षा है.

लोकायुक्त के पद पर नियुक्ति के लिए पैनल द्वारा सुझाए गए नामों की फाइल को राज्यपाल कृष्णकांत पाल पहले ही दो बार राज्य सरकार को लौटा चुके हैं.

पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों को चलन से बंद किए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार काले धन और आतंकवाद को रोकने के लिए केंद्र द्वारा किए जा रहे प्रयासों में उसके साथ हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या इससे राज्य में पर्यटकों की आमद पर फर्क पड़ा है, हरीश रावत ने कहा कि इस बात का फिलहाल अध्ययन किया जा रहा है.