नोट बंदीकरण : वित्त मंत्री अरुण जेटली बोले – ‘2-3 हफ्ते में स्थिति सामान्य हो जाएगी’

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मीडिया से मुखातिब हुए. 500-1000 के नोट बंद होने के बाद देश में मची अफरा-तफरी पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक अधिकारी सुबह से लेकर देर रात तक काम कर रहे हैं और तमाम तरह की दिक्कतों के बावजूद भी देश की जनता सहयोग कर रही है.

वित्त मंत्री ने बताया कि हालात सामान्य होने में 2-3 हफ्ते का समय लग सकता है. दो लाख एटीएम मशीनों तक 500 और 2000 रुपये के नोट पहुंचाने में इतना वक्त लग जाएगा.

जेटली ने कहा, वित्त मंत्रालय नोट बदले जाने की कार्यवाही पर लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा, इस बात का अंदाजा पहले से ही था कि शुरुआती कुछ दिनों में दिक्कतों का सामना करना पडे़गा. क्योंकि 86 फीसदी करेंसी बदल गई है और यह एक बहुत बड़ा कार्य है.

वित्त मंत्री ने बताया कि अकेले भारतीय स्टेट बैंक ने ही पिछले दो दिनों में 2 करोड़ 28 लाख का लेन-देन किया है. फिर चाहे वह जमा हुए हों, नोटों की अदला-बदली हुई हो या लेन-देन का कोई और तरीका अपनाया गया हो. उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर 12.15 बजे तक स्टेट बैंक में 58 लाख लोगों ने नोटों की अदला-बदली की है.

वित्त मंत्री ने कहा, नोटबंदी पर कई तरह की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सुनने को मिल रही हैं. इनमें से कुछ तो बहुत ही गैरजिम्मेदाराना हैं. उन्होंने कहा, हम इस निर्णय के बारे में पहले से नहीं बता सकते थे. हमें इस मामले में उच्च स्तर की गोपनीयता बनाए रखनी थी.

जेटली ने बताया कि रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार सभी खजानों में भरपूर मात्रा में नए नोट पहुंचा दिए गए हैं. लेकिन कई बार यह पर्याप्त नहीं हो पाता साथ ही वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि सितंबर माह में बैंकों की जमाराशि में थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी दर्ज की गई थी और इसका कारण पे-कमीशन लागू होने के बाद बढ़ी सैलरी के साथ मिला एरियर है.

वित्त मंत्री ने कहा, लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और इसके लिए हम क्षमा प्रार्थी हैं. हां लंबी-लंबी कतारें जरूर हैं, लेकिन कहीं कोई अव्यवस्था नहीं है. उन्होंने कहा, पहले दिन से ही कुछ अफवाहें उड़ने लगी थीं. जैसे नए नोटों पर इलेक्ट्रॉनिक चिप होगी और नमक की कमी की भी अफवाह उड़ी. लेकिन यह सब सिर्फ अफवाहें ही थीं.

उन्होंने कहा, अगर कोई भी इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है तो जिम्मेदार एजेंसियां उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगी.

बता दें कि 8 नवंबर की रात पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद किए जाने की घोषणा के बाद से ही देशभर में बैंकों और एटीएम पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा है. आम नागरिकों को रोजमर्रा की जिंदगी चलाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

हालांकि दूसरा शनिवार होने के बावजूद 12 नवंबर और रविवार 13 नवंबर को भी बैंक खुले हैं और रात 8 बजे तक काम कर रहे हैं. इसके बावजूद नोटबंदी की घोषणा के बाद से ही लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

लोग अपने पास रखे हुए 500 और 1000 रुपये के नोटों को बदलवाने के लिए बड़ी संख्या में बैंकों तक पहुंच रहे हैं. लेकिन घंटों लाइनों में लगने के बावजूद भी पैसे नहीं मिलने की शिकायतें आम हैं.