उम्मीद है हमारी जायज चिंताओं को महत्व देंगे भारत और जापान : चीन

बीजिंग।… भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिनी जापान दौरे पर गुरुवार को रवाना हुए. इस बीच चीन ने कहा कि वह दोनों देशों से अपेक्षा करता है कि उसकी जायज चिंताओं को अहमियत दी जाएगी.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा, “हमें हमारे पड़ोसियों के बीच सामान्य रिश्ता विकसित करने को लेकर कोई समस्या नहीं है। हम उम्मीद करते हैं कि वे पड़ोसियों की वैध चिंताओं का सम्मान कर सकते हैं।”

चीन भारत और जापान द्वारा दक्षिण चीन सागर को लेकर भारत और जापान द्वारा जारी किए जाने वाले संयुक्त बयान पर सतर्कता बरत रहा है। संयुक्त बयान में चीन से दक्षिण चीन सागर पर संयुक्त राष्ट्र की अदालत के फैसले को मानने को कहा है, जिसे चीन ने समुद्री जल विवाद से जुड़े उस फैसले को खारिज कर दिया है।

बुधवार को चीन की मीडिया ने भारत को चेतावनी दी है कि यदि वह चीन को अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले को मानने के लिए कहने के लिए जापान के साथ खड़ा होगा तो उसे द्विपक्षीय व्यापार में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के संपादकीय पेज पर प्रकाशित लेख में कहा गया है, ‘भारत को झगड़े में फंस जाने की आशंका से सावधान रहना चाहिए. यह अमेरिका का मोहरा बनने के समान भी हो सकता है और विशेष रूप से चीन से व्यापार को लेकर बहुत नुकसान उठाना पड़ सकता है.’

लू ने भारत और जापान के बीच हथियारों के सौदे को लेकर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. सितंबर में जब जापान ने जमीन और पानी दोनों में काम करने वाले विमान यूएस-2 का मूल्य कम किया था तो चीन ने बहुत नाराजगी का इजहार करते हुए उसे ‘निर्लज्ज’ कहा था.

भारत और जापान एक असैन्य परमाणु सौदे पर भी हस्ताक्षर कर सकते हैं. इसके अलावा दोनों के बीच अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होनी है.