सभी प्रमुख मुद्दे सुलझा लिए हैं, पहली अप्रैल से लागू होगा GST : अरुण जेटली

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली- फाइल फोटो

केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामले के मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सहित कर सुधारों पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रमुख मुद्दों का समाधान कर लिया गया है और जीएसटी को एक अप्रैल, 2017 तक बाकायदा लागू कर दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि सरकार ने सर्वाधिक हकदार माने जाने वाले लोगों को सरकारी सब्सिडी सुलभ कराने के उद्देश्य से कई कदम उठाए हैं. इसके अलावा, प्रत्यक्ष कर के क्षेत्र में समानांतर सुधारों को लागू करने की भी तैयारी की जा रही है.

क्षेत्रीय संपादकों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि कर संग्रह इस साल काफी अच्छा रहा है, सार्वजनिक व्यय में बढ़ोतरी हुई है और स्थानीय मांग बढ़ रही है. अत: अधिक मूल्य के करेंसी नोटों का चलन बंद करने के हालिया निर्णय का सकारात्मक असर होगा.

उन्होंने आश्वासन दिया कि पुराने नोटों के बदले छोटी रकम जमा कर रहे लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा. इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों, देशभर से आए संपादकों एवं अन्य प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के महानिदेशक फ्रैंक नोरोन्हा ने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए वरिष्ठ वित्त पत्रकारों को मुख्य आर्थिक मुद्दों पर मंत्रियों एवं केंद्र सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बातचीत करने का एक मंच प्रदान कराना है.

यह दो दिवसीय सम्मेलन पत्र सूचना कार्यालय द्वारा वित्त मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है. आर्थिक संपादक सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के विभिन्न प्रमुख आर्थिक मंत्रालयों की मुख्य नीतिगत पहलों, उपलब्धियों एवं भावी रोडमैप के बारे में मीडिया को जानकारी देना है.

देश के विभिन्न भागों से आए आर्थिक संपादक और दिल्ली में कार्यरत कई ब्यूरो प्रमुख एवं बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं. वित्त मंत्रालय के अलावा वाणिज्य और उद्योग, रेलवे, सड़क परिवहन और राजमार्ग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, शहरी विकास, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और नीति आयोग की ओर से भी इस सम्मेलन में शिरकत की जा रही है.

विज्ञापन और श्रव्य-दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) ने ‘भारत की आजादी के 70 साल’ के अवसर पर एक प्रदर्शनी भी यहां आयोजित की है.