500-1000 के नोट बंद क्या हुए, सीमाई इलाकों में नेपाली नोटों के आए ‘अच्छे दिन’

500 और 1000 रुपये के भारतीय नोट पर प्रतिबंध लगने से नेपाल सीमा से सटे कस्बों और नगरों में स्थिति पूरी तरह पलट गई है. अब तक नेपाली मुद्रा के बदले भारतीय मुद्रा लेने की जो होड़ मची रहती थी, बुधवार को इसके ठीक विपरीत 500 और 1000 के नोट के बदले नेपाली मुद्रा दिलाने वाले सटोरिए सक्रिय हो गए हैं. सीमा क्षेत्र के बाजारों में दोनों देशों की मुद्राओं का प्रचलन है. ऐसे में लोग फिलहाल काम चलाने के लिए नेपाली मुद्रा रख रहे हैं.

झूलाघाट इलाके में सटोरिए सक्रिय दिखाई दिए. वह 500 और 1000 के नोट के बदले 20 से 25 प्रतिशत तक कमीशन लेकर नेपाली मुद्रा दे रहे थे. बता दें कि पिछले दिनों झूलाघाट में भारतीय मुद्रा की कमी हो गई थी.

नेपाली मुद्रा बाजार में ज्यादा आ जाने के कारण भारतीय मुद्रा को एक्सचेंज करने में दिक्कत आने लगी थी. तब भी सटोरियों ने कमीशन लेकर मुद्रा एक्सचेंज का काम किया था. बुधवार को भी ठीक इसी तरह की स्थिति देखने को मिली.

धारचूला में भी नेपाल के लोग 500 और 1000 के नोट बंद होने की सूचना से परेशान दिखे. वह दुकानदारों के पास जाकर इन नोटों को बदलने का आग्रह करने लगे. हालांकि उनको कोई राहत नहीं मिल पाई. नेपाल के सैकड़ों मजदूर भारतीय क्षेत्र में काम करते हैं. उनको काम के बदले भारतीय मुद्रा ही दी जाती है.

अपने देश लौटते समय लोग इसे एक्सचेंज करा लेते थे, लेकिन इस समय कम से कम 500 और 1000 के नोट को बदलने या लेने के लिए कोई तैयार नहीं है. जौलजीबी, बलुवाकोट के बाजार में भी यही स्थिति सामने आई.

14 नवंबर से शुरू हो रहे व्यापारिक महत्व के जौलजीबी मेले में नोटों का प्रचलन बंद होने का असर दिखेगा. मेले में करोड़ों का कारोबार होता है. यदि मेला शुरू होने तक बैंकों में नए नोट नहीं पहुंच पाए तो व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है.

व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा का कहना है कि उम्मीद है कि मेला शुरू होने तक नई करेंसी बाजार में आ जाएगी. यदि नई करेंसी बाजार में नहीं आई तो उससे व्यापार प्रभावित हो सकता है.