500-1000 के नोट बंद करने पर बंटी कांग्रेस | CM हरीश रावत ने किया स्वागत, कांग्रेस ने की आलोचना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने का ऐलान किया वैसे से तमाम राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया आनी भी शुरू हो गई. लेकिन इस सब के बीच सबसे ज्यादा जिस बात ने अपनी ओर ध्यान खींचा वह है कांग्रेस पार्टी ने. जी हां एक तरफ कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व इस फैसले के खिलाफ दिख रहा है, तो दूसरी तरफ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत और विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने इस फैसले का स्वागत किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 8 नवम्बर को 500 और 1000 के नोट बंद का उत्तराखंड विधानसभा स्पीकर गोविन्द कुंजवाल ने समर्थन किया. उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों को दिक्कतें तो आएंगी, लेकिन कालाधन खत्म करने की दिशा में अच्छा कदम है.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी पहली प्रक्रिया दी. उनका कहना है कि केन्द्र सरकार ने बहुत ही उच्छा कदम उठाया है. इससे आर्थिक सुधारों को लाभ मिलेगा. उनका कहना है कि काला धन, भ्रष्टाचार, जाली नोटों के चलन पर भी रोक लगेगी.

मुख्यमंत्री रावत का कहना है कि राजनीतिक नजरिए से सभी फैसलों को करना ठीक नहीं होता है. बुधवार को अस्थायी राजधानी देहरादून के पेट्रोल पंप पर लोगों की लम्बी कतारें लगी रहीं. लोग 500 और 1000 रुपये की नोट लेकर तेल भरने पहुंचे. खुदरा नोट न होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा. इस तरह से देखा जा सकता है लोगों के सामने नए करेंसी को लेकर संकट खड़ा हो रहा है. दूसरी ओर देहरादून के रेलवे स्टेशन पर रोजाना की तरह से 500 और 1000 रुपये के नोटों का चलन जारी है.

आम लोगों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है और लोगों का कहना है कि केन्द्र सरकार ने बहुत ही उम्दा फैसला किया है. उनका कहना है कि अगर देश के लिए 2-4 दिन भूखा भी रहना पड़गा तो इसके लिए तैयार हैं. लेकिन जाली नोटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

फिलहाल अस्थायी राजधानी देहरादून के सीएम आई अस्पताल में यह शिकायत मिली है कि मरीजों के इलाज के लिए 500 और 1000 रुपये के नोट नहीं लिए जा रहे हैं. इस तरह से पूरे देहरादून में नोटों के बंद होने का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है. फिलहाल अब लोग नए नोटों के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.