पूर्व अटॉर्नी जनरल ने 1000-500 के नोट बंद करने को बताया साहसी कदम

प्रसिद्ध विधिवेत्ता सोली सोराबजी ने सरकार के बड़े मूल्य के नोटों को बंद करने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे एक ‘साहसी और नवोन्मेषी’ कदम करार दिया है.

भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल सोराबजी ने कहा, ‘यह साहसी नवोन्मेषी कदम है और ईमानदार करदाताओं को इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है. हालांकि, शुरुआत में इससे कुछ परेशानी आएगी, लेकिन समाज और राष्ट्र के वृहद हित में उन्हें इसे झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए.’

राष्ट्र को मंगलवार को हैरान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1,000 और 500 का नोट बंद करने की घोषणा की थी. 1978 के बाद से यह पहला अवसर है, जबकि सरकार ने किसी करेंसी नोट को चलन से हटाया है.