हजार रुपये को बंद कर 2000 का नोट लाना एक पहेली, इसे सरकार ही सुलझाए : चिदंबरम

पी. चिदंबरम (फाइल फोटो)

पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने बुधवार को कहा कि सरकार का 500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण करने का फैसला और 2000 रुपये के नोट लाने का फैसला एक पहेली है.

चिदंबरम ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘उन लोगों ने 500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण किया है और 2000 रुपये के नोट लाया है. यह एक पहेली लग रही है. इस पहेली को सरकार को ही सुलझाने दीजिए.’

उन्होंने कहा, ‘यदि सरकार खुद 2000 रुपये के नोट ला रही है तो यह एक अलग मुद्दा है. लेकिन मैं यह बात नहीं समझ पा रहा कि उन्होंने 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण किया और 2000 रुपये के नोट ला रहे हैं. मैं नहीं समझ पा रहा कि ऐसा आखिर क्यों. हो सकता है कि यह मेरी अज्ञानता हो.’

चिदंबरम ने कहा, ‘यदि वे इसका एक अच्छा जवाब दें तो हो सकता है कि हमलोग उस पर यकीन कर लें.’ उन्होंने कहा, ‘मैंने कुछ लोगों से इस बारे में बात की. वे भी यह नहीं समझ पा रहे हैं कि क्यों उन लोगों ने 500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण किया है और 2000 रुपये के नोट पेश किए.’

चिदंबरम ने इस बारे में कुछ सवाल किए. उन्होंने कहा, ‘यह कालाधन पैदा होने से रोकने में किस तरह मदद करेगा? यदि नई आमदनी और संपत्ति अघोषित है तो क्या उस आय को या संपत्ति को दो हजार रुपये के नोटों से छिपाया नहीं जा सकेगा?’

उन्होंने सवाल किया, ‘यदि पहले से ज्यादा मूल्य के नोट पेश किए गए तो इन नोटों का विमुद्रीकरण किस तरह से लाभदायक होगा? स्पष्ट तौर पर नजर आ रही इस पहेली को सरकार को निश्चित रूप से स्पष्ट करना चाहिए.’