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आम आदमी पार्टी (आप) ने 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट बंद करने के केंद्र सरकार के फैसले को बुधवार को तुगलकी फरमान करार दिया और कहा कि यह कदम काला धन रखने वाले बड़े व्यापारियों को बचाने के लिए उठाया गया.

आप नेता संजय सिंह ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तुगलकी फरमान किसानों, गरीब आदमी के पीठ पे हथौड़ा है.’ उन्होंने कहा, ‘यह कदम काला धन रखने वाले बड़े व्यापारियों को बचाने के लिए उठाया गया है.’

मोहम्मद बिन तुगलक मध्यकालीन भारत का एक शासक था, जिसे राजधानी को दिल्ली से दक्षिण भारत के दौलताबाद स्थानांतरित करने, और मुद्रा बदलने के सनकपूर्ण निर्णयों के लिए जाना जाता था. लेकिन उसका निर्णय हमेशा गलत साबित होता था.

संजय सिंह ने आरोप लगाया, जनता मानती है कि मोदी सरकार अडानी, अंबानी जैसे बड़े व्यापारियों और शरद पवार, येदियुरप्पा, सुखबीर सिंह बादल और उत्तर प्रदेश के अन्य बीजेपी नेताओं को अपना काला धन सुरक्षित कर लेने के लिए पहले ही कह चुकी है.’

उन्होंने कहा कि यह निर्णय सिर्फ आम आदमी को परेशान करने के लिए है. आप नेता ने कहा, ‘इस निर्णय के साथ ही पूरे देश में अफरा-तफरी है. यह सरकार बड़े डिफाल्टरों और स्विस खातों में काला धन रखने वालों को पकड़ना नहीं चाहती, बल्कि सिर्फ आम आदमी को परेशान करना चाहती है.’

उन्होंने यह भी कहा, ‘मोदीजी, मुझे बताइए कि जिस व्यक्ति के पास बैंक खाता नहीं है और उसने 500 रुपये और 1000 रुपये के कुछ नोट बचा कर रखे हैं, वह क्या करेगा?’