धार्मिक स्थलों की आड़ में अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त, तीन माह में मांगी रिपोर्ट

नैनीताल हाईकोर्ट ने धार्मिक स्थल की आड़ में अवैध निर्माण पर मुख्य सचिव से तीन महीने में रिपोर्ट पेश करने को कहा है. हरिद्वार के भगवानपुर विकासखंड से जुड़े बिनारसी उर्फ बुलेड गांव में पंचायत घर की भूमि पर बने अवैध निर्माण को 48 घंटे में हटाने का आदेश भी कोर्ट ने दिया है.

हरिद्वार निवासी अवनीश कुमार त्यागी ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हरिद्वार जिले के बुलेड में पंचायत भवन के लिये जमीन प्रस्तावित की गई थी लेकिन अवैध कब्जा कर निर्माण कर मकान बना लिये गये. विरोध करने पर मकान को धार्मिक स्थल का रूप दे दिया गया. जिला प्रशासन और पुलिस से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.

सुनवाई के बाद जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस आलोक सिंह की खंडपीठ ने 48 घंटे के भीतर अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया साथ ही प्रदेश के दूसरे ऐसे अवैध निर्माण के बारे में भी मुख्य सचिव से रिपोर्ट पेश करने को कहा है.

उधर एक अन्य मामले में हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के सभी हिल स्टेशनों और ग्लेशियरों को इको सेंसिटिव घोषित करने का आदेश दिया है.

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने ऐसे ही एक मामले में सुप्रीमकोर्ट के फैसले का हवाला दिया था जिसमें उत्तराखंड राज्य के मुख्य सचिव भी उस समय पार्टी थे. कई राज्यों ने तो इस तरह के अवैध निर्माण पर जांच रिपोर्ट तैयार कराई लेकिन उत्तराखंड में अब हाईकोर्ट की सख्ती का असर दिख सकता है.