सातवां वेतन आयोग : महंगाई भत्ते को लेकर राष्ट्रपति ने जारी किया यह आदेश

अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता यानी डीए (Dearness Allowance) को लेकर केंद्र सरकार ने करीब एक हफ्ते पहले घोषणा कर दी थी. केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कैबिनेट की बैठक के बाद 27 अक्टूबर को मीडिया से बताया था कि सरकार ने डीए को मंजूरी दे दी है और यह 2 प्रतिशत दिया जाएगा. सरकार ने यह भी साफ कर दिया था कि यह 1 जुलाई 2016 से लागू होगा.

इसके बाद से केंद्रीय कर्मचारियों को उस नोटिफिकेशन या कहें आदेश का इंतजार था, जिसके तहत यह आदेश लागू किया जाना था. सरकार ने 4 नवंबर में इस संबंध में हर सरकारी विभाग को आदेश भेज दिया है.

4 नवंबर को जारी आदेश में बताया गया है कि सरकार के प्रस्ताव को राष्ट्रपति ने पारित कर दिया है. राष्ट्रपति ने अपने आदेश में सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बेसिक वेतन का 2 प्रतिशत डीए दिए जाने की बात कही है. इसी आदेश में इसे लागू किए जाने की तारीख 1 जुलाई 2016 बताई गई है.

राष्ट्रपति के इस आदेश में यह साफ कर दिया गया है कि 1-1-16 से जो नया वेतनमान लागू हुआ है कि उसमें 125 प्रतिशत डीए का समावेश किया जा चुका है. इसलिए अब 1-1-16 से डीए अगली घोषित तारीख तक शून्य है.

राष्ट्रपति ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि बेसिक पे का अर्थ नए पे मेट्रिक्स के हिसाब से तय हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार का स्पेशल पे नहीं जोड़ा जाएगा. इसी आदेश में बताया गया है कि सरकार ने 25 जुलाई 2016 के प्रस्ताव संख्या 1-2/2016-आईसी पर अंतिम निर्णय नहीं होने तक यह साफ कर दिया है कि अन्य अलाउंस जिस दर से दिए जा रहे थे और स्वीकृत थे, वे उसी दर से दिए जाते रहेंगे. बता दें कि वित्तमंत्रालय के एक सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है जो सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में अलाउंसेस को लेकर उठे विवाद के समाधान के लिए कर्मचारी संगठनों बात कर रही है.

बता दें कि हर सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को साल में दो बार दिया जाता है. साल में जनवरी और जुलाई के माह में केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते की घोषणा करती रही है.

बता दें कि केंद्र सरकार ने इसी साल में जुलाई के अंत में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने की घोषणा की थी. केंद्रीय कर्मचारियों को डीए की घोषणा का बेसब्री से इंतजार था. इसकी घोषणा अमूमन सितंबर में होती है और सितंबर के 3-4 चौथे सप्ताह में सरकारी आदेश भी जारी हो जाता था जो इस साल नवंबर में हुआ है.