कालाधन पर मोदी का सर्जिकल स्ट्राइक | 500-1000 रुपये के नोट बंद, भ्रष्टाचारियों में फैली सनसनी

भ्रष्टाचार, कालाधन और जाली नोटों पर लगाम लगाने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 500 और 1000 रुपये के मौजूदा करंसी नोटों को 8 नवंबर की रात 12 बजे से बंद करने का ऐलान कर दिया है. राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 500 और 1000 रुपये के करंसी नोट लीगल टेंडर नोट (यानी कानूनी रूप से मान्य) नहीं रहेंगे. इनके अलावा अन्य सभी नोट और सिक्के मान्य होंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हम जाली नोटों और भ्रष्टाचार के खिलाफ जो जंग लड़ रहे हैं, इससे उस लड़ाई को ताकत मिलने वाली है.’

8 नवंबर से अमान्य ठहराए गए 500 और 1000 रुपये के नोटों को लोग 10 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 तक नजदीकी बैंक या डाकघर के खातों में जमा करा सकेंगे. पीएम मोदी ने कहा, ‘इन नोटों को जमा कराने के लिए आपके पास करीब 50 दिनों का समय है, ऐसे में आपको किसी तरह की अफरातफरी की जरूरत नहीं है. आपकी धनराशि आपकी ही होगी और आपको किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है. आप इन्हें खाते में डालकर नई करंसी निकाल सकते हैं.’

पीएम मोदी ने कहा कि नए नोटों की व्यवस्था करने में बैंकों को समय लगेगा. ऐसे में रिजर्व बैंक ने कुछ समय की मांग की थी. इसलिए 9 नवंबर को पूरे देश में एटीएम काम नहीं करेंगे, जबकि 10 नवंबर को भी देश के कुछ इलाकों में एटीएम बंद रह सकते हैं. इस दौरान बैंक पूरे देश में नए नोटों की व्यवस्था कर सकेंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि सामान्य नागरिकों की जरूरतों के मुताबिक 11 नवंबर रात 12 बजे तक विशेष व्यवस्था है. 11 नवंबर तक सभी सरकारी अस्पतालों में इन नोटों को स्वीकार किया जा सकेगा. इसके अलावा मेडिकल स्टोरों में भी डॉक्टर के पर्चे पर 72 घंटे तक दवा खरीदने की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी. वहीं, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और एयरलाइंस के टिकट बुकिंग काउंटरों पर भी इन्हें स्वीकार किया जा सकेगा. इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के सीएनजी, पेट्रोल और डीजल स्टेशनों पर भी इन्हें स्वीकार किया जा सकेगा.

10 से 24 नवंबर तक 4000 रुपये की कीमत तक के 500 से 1000 रुपये के नोट बदले जा सकते हैं. इसके बाद 25 नवंबर से 30 दिसंबर इसकी सीमा में इजाफा कर दिया जाएगा.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 30 दिसंबर तक जो लोग अपने इन नोटों का जमा नहीं करा पाएंगे. उनके लिए इसके बाद भी 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को जमा करने का विकल्प रहेगा. ऐसे लोग लोग रिजर्व बैंक के निर्धारित ऑफिस में अपनी आय की घोषणा के साथ जमा कर सकेंगे.

अब भ्रष्टाचारियों के पास मौजूद ये नोट सिर्फ कागज के टुकड़े रह जाएंगे. ईमानदारी से काम करने वाले लोगों के हितों की पूरी रक्षा की जाएगी.