राज्य भण्डारण निगम के 15 गोदाम अधर में अटके | राजस्व मंत्री यशपाल आर्य ने ली बैठक

उत्तराखण्ड राज्य भण्डारण निगम संचालक मंडल की महत्वपूर्ण बैठक सर्किट हाउस में मंगलवार को सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता सहकारिता एवं राजस्व मंत्री यशपाल आर्य द्वारा की गयी। बैठक में संचालक मंडल के निदेशकों द्वारा भी प्रतिभाग किया गया।
सहकारिता मंत्री श्री आर्य ने बताया कि प्रदेश के मैदानी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में राज्य भण्डारण निगम के 15 गोदाम बनाये जाने है। इन गोदामो के लिए वांछित भूमि का अभी तक चयन ना हो पाने के कारण निगम के प्रबन्ध निदेशक एनपी त्रिपाठी को चेतावनी देते हुये कहा कि वह इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए मात्र कागजी घोडे ना दौडायें सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारियों एवं भूमि चयन करने वाले राजस्व अधिकारियों से व्यक्गित तौर पर  सम्पर्क करते हुये इस महत्वपूर्ण कार्य का अनुश्रवण करें। उन्होने रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग को निर्देश दिये कि वह स्वयं भी जिलाधिकारियों से इस सम्बन्ध मे वार्ता कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।
श्री आर्य ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों  में अन्न भण्डारण की व्यवस्था महत्वपूर्ण है क्योकि आपदा एव विपरीत समय मे भण्डारित अनाज की आपूर्ति की जाती है। ऐसे मे सरकार ने निर्णय लिया है कि अन्न के सुरक्षित भण्डारण हेतु बडे व छोटे गोदान तैयार किये जाएं। गोदामों के निर्माण की जिम्मेदारी राज्य भण्डारण निगम को दी गयी है। उन्होने बताया कि रूडकी, झनकट, सितारगंज, काशीपुर, हरिद्वार, अल्मोडा तथा टनकपुर में गोदाम बनाये जाने है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ करने तथा अनाज के साथ फल व सब्जीयो के भण्डारण के लिए इन गोदामांे का प्रयोग किया जायेगा। उन्होने बताया कि खत्याडी अल्मोडा मे निगम परिसर में भूमि उपलब्ध है जिसमें दो हजार मेट्रिक टन का गोदाम बनाया जायेगा। गोदामों की वित्तीय व्यवस्था के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से नाबार्ड को भेजने हेतु प्रबन्ध निदेशक को निर्देशित किया है।
बैठक में संचालक मंडल के निदेशक मुनीष कुमार सैनी, डोरीलाल सागर, शिव कुमार मित्तल, अशोक कुमार बतरा तथा दीप सुयाल के अलावा निगम के अधिकारी मौजदू थे।