मोहित कर देती है देवलसारी की खूबसूरती, लेकिन सरकारी उदासीनता के कारण विकास से है कोसों दूर

देवभूमि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, मंदिरों, चारधाम यात्रा, नंदा देवी राजजात आदि के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं, लेकिन उत्तराखंड मे आज भी कई ऐसी जगहें हैं जो अब भी विकास से कोसों दूर हैं. उन्हीं में से एक है धनोल्टी विधानसभा में देवलसारी का क्षेत्र.

देवलसारी बेहद खूबसूरत तो है, लेकिन पर्यटकों को अब तक इसकी जानकारी ही नहीं है. देवलसारी में कई प्रकार के दुर्लभ जंगली जीव-जंतु पाए जाते हैं, जिनमें प्रमुख रूप से लेपर्ड (गुलदार) की दो प्रजाति, भालू, सांभर, घुरड़ और मोनाल भी पाया जाता है.

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इसके अलावा 172 प्रजाति उप-प्रजाति की तितलियां, उदबिलाव, दुर्लभ प्रजाति की गिलहरी, कस्तुरी मृग और रात में दिखाई देने वाली 82 प्रजाति के कीट-पतंगे भी यहां पाए जाते हैं. बर्ड वॉचिंग के लिए देवलसारी बेहद उपयुक्त स्थान है.

देवलसारी में घने देवदार और बांज-बुरांश के जंगल हैं. सुंदर बुग्याल देवलसारी के आकर्षण के केन्द्र हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं से आज भी देवलसारी दूर है. यहां रहने की कोई खास व्यवस्था नहीं है.

यहां तक कि लोगों को पीने के पानी के लिए भी अब तक प्राकृतिक जल स्रोतों पर ही निर्भर रहना पड़ता है. स्थानीय लोग देवलसारी को सरकार से ईको टूरिज्म से जोड़ने की लगातार मांग कर रहे हैं.