पाकिस्तान ने कश्मीर में संयुक्त राष्ट्र दल भेजने का फिर किया आग्रह

इस्लामाबाद : संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की दूत मलीहा लोधी ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र से जम्मू एवं कश्मीर में सच्चाई का पता लगाने के लिए दल भेजने की गुजारिश की है.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत सरकार अगर किसी यहां जाने की अनुमति नहीं देती तो वास्तव में इस बात को स्वीकार करना है कि वहां उसकी सेनाओं ने कथित तौर पर बड़े अत्याचार किए हैं.

लोधी ने मानवाधिकारों और पूरी दुनिया में बुनियादी आजादी की वकालत करने वाले के रूप में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त जैद अद अल हुसैन के प्रभावी नेतृत्व की सराहना की.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उनके ऑफिस ऑफ हाईकमिश्नर फॉर ह्यूमन राइट्स (ओएचसीएचआर) को बिना शर्त नियंत्रण रेखा के दोनों तरफ जाने की इजाजत देने के बार-बार आह्वान की सराहना करता है.

पाकिस्तानी दूत ने कहा कि उच्चायुक्त द्वारा जम्मू एवं कश्मीर में सच्चाई का पता लगाने वाले दल का वहां की वास्तविक स्थिति के आकलन के लिए स्वतंत्र रूप से जाना कश्मीर की जनता के लिए सांत्वना का एक साधन है.

उन्होंने कहा कि भारत द्वारा उसे खारिज किया जाना उच्चायुक्त कार्यालय को केवल हालात पर लगातर नजर रखने की जरूरत को बल देता है.

पाकिस्तानी महिला राजनयिक ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की यह जिम्मेदारी है कि कश्मीर की जनता के आत्म निर्णय के तथाकथित कानून सम्मत संघर्ष का समर्थन करे और मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन को समाप्त करने के लिए दृढ़ता के साथ काम करे.