सरकार की मंजूरी मिली तो 2020 में एशियाई बीच खेलों की मेजबानी करेगा भारत

भारतीय ओलंपिक संघ ने शुक्रवार को अपनी कार्यकारी परिषद की बैठक के बाद कहा कि भारत 2020 में महाराष्ट्र में एशियाई बीच खेलों की मेजबानी कर सकता है, लेकिन इसके लिए सरकार से मंजूरी मिलना जरूरी है.

एशियाई बीच खेल का आयोजन एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) करता है और इन्हें एशियाई खेलों के बाद महाद्वीप में दूसरा बड़ा खेल आयोजन माना जाता है. वियतनाम ने इस साल दा नांग में इनका आयोजन किया था, जिसमें 41 देशों के 2000 से अधिक खिलाड़ियों ने 14 खेलों में हिस्सा लिया था.

आईओए अध्यक्ष एन रामचंद्रन ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘आईओए कार्यकारी परिषद ने अगले एशियाई बीच खेलों (2020) की महाराष्ट्र में मेजबानी के लिए सरकार के पास जाने को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी है. हमें (धनराशि के लिए) केंद्र और राज्य सरकार की मंजूरी चाहिए. बीच खेल अब पहले की तरह दो साल में नहीं बल्कि चार साल में एक बार होते हैं.’

आईओए महासचिव राजीव मेहता ने कहा कि महाराष्ट्र में स्थान और तिथियों की घोषणा ओसीए के साथ परामर्श के बाद की जाएगी. उन्होंने कहा, ‘खेलों की तिथि और मेजबान शहर को लेकर ओसीए के साथ विचार विमर्श के बाद फैसला किया जाएगा.’

रामचंद्रन ने इसके साथ ही साफ किया कि आईओए के वर्तमान पदाधिकारियों का कार्यकाल ओलंपिक चार्टर के अनुसार 2018 तक पूरे चार साल तक चलेगा. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति और ओसीए ने स्पष्ट किया है कि कार्यकाल फरवरी 2014 से 2018 तक होगा.

उन्होंने कहा, ‘आईओसी ने मार्च 2014 में मुझे लिखा था, जिसमें स्पष्ट था कि चुनाव चार साल के लिए हुए हैं. हालांकि कुछ लोगों ने सवाल उठाए और कहा कि कार्यकाल केवल 2016 तक ही है.’

राष्ट्रीय खेलों की स्थिति के बारे में रामचंद्रन ने कहा कि गोवा इनकी मेजबानी नहीं करेगा और इनका आयोजन अगले साल छत्तीसगढ़ में किया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘एक दल ने छत्तीसगढ़ का दौरा किया था और रिपोर्ट दी कि 50 से 60 प्रतिशत आधारभूत ढांचा तैयार है. संभावना है कि 2017 में इनका आयोजन होगा.’

आईओए ने इससे पहले 36वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी गोवा को सौंपी थी. इनका आयोजन 2016 में होना था. इसके बाद 37वें खेल 2017 की मेजबानी छत्तीसगढ़ और 38वें खेल 2018 की मेजबानी उत्तराखंड को सौंपी गई थी.

बैठक में नीति आयोग के निर्देशों पर भी विस्तार से चर्चा हुई जिसने सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों से अनुदान हासिल करने के लिए खुद का एनजीओ-पीएस पोर्टल में पंजीकरण करवाने के लिए कहा है.

रामंचद्रन ने कहा, ‘आईओए सभी एनएसएफ से पंजीकरण करवाने के लिए कहेगा, क्योंकि ऐसा नहीं करने पर उनका अनुदान रोक दिया जाएगा. इसके साथ ही हम यह मामला सरकार के सामने भी रखेंगे. आईओए सरकार को पत्र लिखकर बताएगा कि हमारा सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकरण हुआ है और हमें एनजीओ नहीं माना जाना चाहिए.’