केदारनाथ में करवाए जा रहे पुनर्निर्माण कार्यों में उमा भारती को दिखी लापरवाही, होगी जांच

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने उत्तराखंड सरकार की ओर से केदारनाथ में करवाए जा रहे पुनर्निर्माण कार्यों पर सवाल खड़े किए हैं. साध्वी ने सीधे तौर पर राज्य सरकार पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं, साथ ही ‘नमामि गंगे’ के कार्यों में देरी पर रोष भी जताया. उमा ने कहा, मंदिर और केदारपुरी की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा दीवार के तहत बनाई जा रही आरसीसी दीवार का विशेषज्ञों से सर्वेक्षण करवाया जाएगा.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विगत सात जुलाई को जिन-जिन स्थानों पर कार्यों का शिलान्यास किया गया है, उन स्थानों का निरीक्षण किया जाएगा. जहां कार्य शुरू नहीं हुए हैं, वहां संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आपदा के बाद से पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहे केदारनाथ में पिछले साल तक राज्य सरकार ने सराहनीय कार्य किए गए.

कर्नल अजय कोठियाल की टीम ने हर क्षेत्र में बेहतर कार्य किया है, लेकिन अब धाम में हो रहे कार्यों में कोताही बरती जा रही है. मंदिर के पीछे बनाई जा रही 350 मीटर लंबी और छह मीटर ऊंची आरसीसी सुरक्षा दीवार पानी के तेज बहाव को झेलने में सक्षम नहीं है.

उन्होंने कहा कि कपाट बंद होने के बाद वे स्वेच्छा से केदारनाथ में रुकी थीं. डबल इंजन हेलीकॉप्टर उपलब्ध न होने जैसा कोई मसला नहीं था. इस दौरान प्रशासन द्वारा भी उनका पूरा ध्यान रखा गया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि देश की सेना, पुलिस व अन्य सुरक्षा बल हर मुश्किल से निपटने में सक्षम हैं. केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड व पहाड़ के विकास के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने की बात भी कही.