श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं : उमा भारती

केंद्रीय मंत्री उमा भारती का कहना है कि उत्तराखंड में बीजेपी अगर गुटबाजी में न फंसी तो आगामी विधानसभा चुनावों में जीत पक्की है. उन्होंने रुद्रप्रयाग में जिलाध्यक्ष डॉ. आनंद सिंह बोहरा सहित अन्य कार्यकर्ताओं से दोनों विधानसभा सीटों को जीतने के लिए एकजुट होकर कार्य करने को कहा.

श्रीनगर में उमा भारती ने कहा, जब भी मेरा बस चलेगा मैं श्रीनगर जल विद्युत परियोजना को रद्द करवा दूंगी. गढ़वाल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने ऊर्जा विभाग को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें कई बेसिक खामियां बताई गई हैं. प्रोजेक्ट की यह खामियां यहां भयंकर त्रासदी का कारण बन सकती हैं. उक्त बातें केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने धारी देवी में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं.

केंद्रीय मंत्री उमा भारती गुरुवार देर शाम धारीदेवी दर्शन के लिए पहुंची. उन्होंने करीब आधा घंटे तक यहां पूजा अर्चना की. उन्होंने कहा कि ‘मां धारी मेरे पूरे गंगा आंदोलन की प्रेरणा स्रोत हैं, मां धारी के लिए ही मैं मंत्री बनी हूं, मैं किसी भी पावर प्रोजेक्ट के खिलाफ नहीं हूं, पर प्रोजेक्ट निर्माण से नदी नष्ट नहीं होनी चाहिए.’

श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावितों की समस्याएं उठाने पर उन्होंने कहा ‘प्रभावितों के प्रति मेरी कोई सहानुभूति नहीं है, जब मैं धारी देवी के लिए आंदोलन कर रहीं थी, तब यहां के लोगों ने ही परियोजना का समर्थन और मेरा विरोध किया था. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना यहां के जनजीवन के लिए घातक है. इस पर सभी लोगों को एक मत होना चाहिए.

अगस्त्यमुनि में गिवाला गांव के ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री उमा भारती के काफिले को सौड़ी बाजार में रोककर अपनी आपबीती सुनाई. कहा कि आपदा के बाद से गांव की सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से कोई इंतजाम नहीं किए गए है. गुप्तकाशी से रुद्रप्रयाग लौट रहे केंद्रीय मंत्री के काफिले को रोककर ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री को समस्याओं से अवगत कराया.

बताया कि गिवाला व सौड़ी ग्राम पंचायत की सीमा पर मंदाकिनी नदी किनारे बसे 18 गांवों के पैतृक घाट का रास्ता आपदा में ध्वस्त हो गया था, लेकिन आज तक रास्तों का पुनर्निर्माण नहीं हुआ. गिवाला गांव की सुरक्षा के लिए भी नदी किनारे सुरक्षा दीवार नहीं बन पाई है, जिससे गांव को खतरा बना हुआ है.

ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री से तटबंध बनाने और पेयजल किल्लत से निजात दिलाने की मांग की. केंद्रीय मंत्री ने भी समस्याओं के संबंध में राज्य सरकार को अवगत कराने का आश्वासन दिया. इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता कुंवर सिंह भंडारी, ग्राम प्रधान सुषमा बर्त्वाल, लखपत बर्त्वाल, वीरेंद्र बुटोला, दिनेश भंडारी, तोताराम मलासी आदि ग्रामीण मौजूद थे.