कोटद्वार : 40 दिन भी नहीं टिक पाया 40 लाख में बना पुल, गुनहगार कौन!

कोटद्वार में 40 लाख की लागत से बना स्टील गार्डर वैली ब्रिज लोकार्पण से पहले ही ध्वस्त हो गया है. उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री को इस पुल का कुछ समय बाद ही लोकार्पण करना था.
भष्टाचार की दीमक उत्तराखंड में किस कदर लगी है, इसकी एक बानगी एक बार फिर से देखने को मिली है. दरअसल कोटद्वार के लोकमणीपुर में लोक निर्माण विभाग दुगड्डा ने 40 लाख की लागत से स्टील गार्डर वैली ब्रिज बनाया था. लोकार्पण से पहले ही यह पुल ध्वस्त हो गया है.

इस पुल का स्थानीय विधायक और सूबे के कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी कुछ दिन बाद ही ढोल नगाड़ों के साथ लोकार्पण करने की तैयारी कर रहे थे. लेकिन ऐसा हो न सका.

दरअसल अपने कारनामों के लिए अकसर चर्चाओं में रहने वाले लोक निर्माण विभाग दुगड्डा के इंजीनियरों की देखरेख में बने इस पुल को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने पहले ही सवाल उठाये थे.

40 लाख की लागत से बने पुल पर 40 दिन भी गाड़ियां नहीं दौड़ पाई. पुल एक ट्रक का भार झेल नहीं पाया और ढह गया. लोकार्पण से पहले ही पुल का ध्वस्त होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.

उधर दूसरी ओर पुल के ध्वस्त होने की खबर लगते ही लोग मौके पर जमा हो गए और लोक निर्माण विभाग के भ्रष्ट इंजीनियरों को खरी खोटी सुनाई. मामला इतना बढ़ा की मारपीट की नौबत आ गई. लेकिन मौके पर पहुंचे कांग्रेसियों ने जब मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी से पुल के ध्वस्त होने की शिकायत पहुंचाई और कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ही लोग शांत हुए. हालांकि पुल कैसे टूट गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है इन सवालों से अधिकारी आखिर तक बचते रहें.
जनता अब पुल के ध्वस्त होने के बाद इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का इंतजार कर रही है. लेकिन अब देखना होगा कि पिछले कुछ मामलों की तरह इस मामलें में भी लीपापोती कर इसको ठंड़े बस्ते इमें डाल दिया जाता है या फिर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होती है.