पौड़ी : कुंभकरणी नींद में सोई सरकारों से 20 साल से मांग रहे हैं शिक्षा का अधिकार

तमाम सरकारें जोर-शोर से शिक्षा के अधिकार की बात करती रही हैं और मौजूदा सरकार भी इसके प्रचार-प्रसार के लिए करोड़ों रुपये विज्ञापनों पर भी खर्च कर रही है, लेकिन जब इसकी बात धरातल पर होती है तो दावों से मीलों दूर होती है.

पौड़ी जिले के दुगड्डा ब्लॉक के कांडाखाल के इंटर कॉलेज का ही मामला देखिए. यहां के लोग पिछले 20 सालों से शिक्षा के अधिकार के लिए चुनी हुई सरकारों से मांग करते आ रहे हैं. लेकिन जब सरकार की नींद नहीं खुली तो मजबूरन ग्रामीणों को सोए तंत्र को नींद से जगाने के लिए ढोल-नगाड़े के साथ सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ा.

कोटद्वार से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर इस क्षेत्र में एक मात्र इंटर कॉलेज कांडाखाल के राजकीयकरण और कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग पिछले 20 सालों से करते आ रहे हैं. जब ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया तो मजबूरन लोगों को धरना प्रदर्शन के साथ ही सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए विवश होना पड़ा.

हालांकि ऐसा नहीं है कि दुगड्डा ब्लॉक में इंटर कॉलेजों की कमी हो, लेकिन विषम भौगोलिक क्षेत्रफल वाले इस क्षेत्र में दूसरा इंटर कॉलेज भी 10 किलोमीटर दूरी कहीं पहाड़ी पर स्थित है. इस कारण से वहां तक पहुंचना भी खतरे से खाली नहीं होता.

पिछले 20 साल से कागजों की लड़ाई लड़ रहे ग्रामीणों की जब किसी ने एक न सुनी तो मजबूरन उन्होंने बेहतर शिक्षा के लिए होते पलायन और अपने नौनिहालों के सुनहरे भविष्य के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा.

खैर यह तो तय है कि जब तक पहाड़ों में नौनिहालों की बेहतर शिक्षा के लिए उचित वातावरण और आवश्यक संसाधन नहीं जुटाए जाएंगे तब तक शिक्षा के अधिकार की बातें करना बेइमानी ही साबित होगी.