पिथौरागढ़ : 500 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो कार, दंपति सहित 6 लोगों की मौत

फाइल फोटो

पिथौरागढ़ जिले में बांसबगड़-सेलमाली-कोटा मार्ग पर मंगलवार दोपहर बाद 2.30 बजे एक बोलेरो जीप 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई. इससे ड्राइवर और दंपति सहित जीप में सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.

इस दर्दनाक घटना का मुख्य कारण सड़क का खराब होना बताया जा रहा है. ये सभी लोग सेलमाली से लौट रहे थे. दुर्घटना इतनी भीषण थी कि जीप के परखचे उड़ गए. शवों को खाई से निकालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी.

दुर्घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग खाई में उतरे, लेकिन तब तक सभी लोगों की मौत हो चुकी थी. सूचना मिलने पर नाचनी और थल थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी. डीएम रंजीत सिन्हा ने शवों का पोस्टमार्टम बुधवार को बांसबगड़ में कराने के लिए डॉक्टरों की टीम भेजने का आदेश दे दिया.

मंगलवार दोपहर बाद जैसे ही जीप यात्रियों को लेकर सेलमाली से कोटा के लिए रवाना हुई तो करीब तीन किलोमीटर आगे रतुवाबगड़ के पास मोड़ पर ड्राइवर वाहन से संतुलन खो बैठा और जीप 500 मीटर खाई में गिर गई.

दुर्घटना में मलौन निवासी सुंदर सिंह (50) पुत्र नारायण सिंह, ड्राइवर जगत सिंह (36) पुत्र विजय सिंह, बहादुर सिंह (23) पुत्र जगत सिंह, माणीधामी निवासी मोहन सिंह (42) पुत्र विजय सिंह, उनकी पत्नी यशोदा देवी (35) और लोद निवासी बहादुर राम (50) पुत्र दीवानी राम की मौत हो गई.

हादसे की जानकारी पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोहर सिंह ने पुलिस और प्रशासन को दी. इसके बाद गांव के लोग तत्काल राहत और बचाव के लिए खाई में उतर गए. जीप में ड्राइवर सहित छह लोग ही सवार थे.

नाचनी के थाना प्रभारी सुनील बिष्ट, थल के थाना प्रभारी केसी आर्या के नेतृत्व में गई पुलिस टीम और 108 आपात वाहन की टीम ने खाई से शवों को बाहर निकाला. देर शाम तक शवों को निकालने का काम जारी रहा. सभी शव बांसबगड़ में रखे गए हैं. वहीं पर बुधवार को इनका पोस्टमार्टम होगा.

हादसे का शिकार हुई माणीधामी निवासी यशोदा देवी पति मोहन सिंह के साथ कोटा गांव में रहने वाले अपने भाई को भैयादूज का टीका लगाने जा रही थी. इस हादसे से दोनों परिवारों में कोहराम मचा है. यशोदा देवी लंबे समय से अपने मायके नहीं जा पाई थी. उसने सोचा कि वह भाई को टीका लगाने के बाद रात मायके में ही रहेगी, लेकिन यह हादसा हो गया.

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सेलमाली से कोटा तक की यह सड़क पीएमजीएसवाई के तहत बनी है. इसमें अभी निर्माण का काम चल रहा है, लेकिन लोगों ने अपनी सुविधा के लिए दो साल से इस रोड पर वाहनों का संचालन शुरू करवा दिया था. सड़क पर कई जगह खतरनाक मोड़ हैं और सड़क कई जगह बेहद संकरी भी है. यातायात शुरू होने के बाद इस रोड पर पहली बार हादसा हुआ है.

डीएम डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं. एसडीएम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है. दुर्घटना के बारे में कोई भी व्यक्ति लिखित या मौखिक बयान दे सकता है.

जीप दुर्घटना में मारे गए सभी लोग खेतीबाड़ी और पशुपालन कर आजीविका चलाते थे. दुर्घटना के बाद मलौन, माणीधामी और लोद गांव में शोक छाया है.