…तो क्या प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को भी कांग्रेस से तोड़ लेगी बीजेपी?

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और मुख्यमंत्री हरीश रावत के बीच अनबन की खबरें पिछले काफी समय से मीडिया में छायी हुई हैं. चुनाव से पहले लगता है बीजेपी को दोनों के बीच की यह अनबन बड़ा मुद्दा लगने लगी है. विपक्षी दल को लगता है कि कांग्रेस में किशोर के लिए जगह नहीं है और उन्हें भी बीजेपी खुद में मिलाने के लिए तैयार है.

दरअसल, ये सारी जुबानीजंग एक बयान को लेकर शुरू हुई है. जिसे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने दिया था. बीते दिनों बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा था कि, सीएम काम कम और नौटंकी ज्यादा करते हैं. मौका मिला तो भला सीएम रावत भी चुप क्यों रहते. उन्होंने कहा कि पता नहीं वो पार्टी में रहेंगे भी या नहीं.

अपने बयानों और चिट्ठी से सरकार की एक नहीं कई बार किरकिरी करा चुके हैं. पीसीसी चीफ किशोर उपाध्याय आजकल बीजेपी की नजरों में बेचारे बनते जा रहे हैं.

बीजेपी को लगता है कि कांग्रेस सरकार उन्हें दरकिनार करने में लगी है और वो बीजेपी में आना चाहते हैं. चुनाव करीब है. राज्य के दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल एक-दूसरे पर जमकर हमले कर रहे हैं. हर कोई एक-दूसरे की कमजोरी का फायदा उठाना चाहता है.