पीएम मोदी ने चीन सीमा पर जवानों के साथ मनाई दिवाली, अचानक एक गांव में भी पहुंचे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चीन की सीमा के पास रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इलाके में सैनिकों के साथ दिवाली मनाई. उन्होंने कहा कि बीते चार दशकों से लटकी ‘वन रैंक वन पेंशन’ योजना को लागू कर उन्होंने अपना वादा निभाया है. मोदी बगैर किसी पूर्व कार्यक्रम के चांगो नाम के एक गांव में भी गए और कहा कि लोगों के आतिथ्य सत्कार और खुशी ने उन्हें अभिभूत कर दिया.

हरे रंग की पोशाक और स्थानीय टोपी पहने प्रधानमंत्री ने सुमदोह नाम की जगह पर इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), डोगरा स्काउट्स और सेना के जवानों से मुलाकात की. सुमदोह, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 330 किलोमीटर दूर है और किन्नौर तथा लाहौल-स्पीति जिलों की सीमा पर स्थित है.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री सुबह 11 बजे सुमदोह पहुंचे. उन्होंने करीब तीन घंटे सुमदोह और चांगो में बिताए. उनके साथ सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग भी थे.

एक अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की शाखा जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स (जीआरईएफ) के कर्मियों से भी सुमदोह में मुलाकात की.

सैनिकों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि वह 2001 से हर साल दिवाली जवानों के साथ मनाते आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि दिवाली पर जवानों को संदेश भेजने की उनकी अपील का देश ने जोरदार समर्थन किया.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘वन रैंक वन पेंशन’ योजना के लागू होने पर सवाल उठाए थे. राहुल का नाम लिए बगैर मोदी ने कहा कि यह 40 साल पहले पूर्व सैनिकों से किया गया वादा था और उन्हें खुशी है कि उन्होंने इसे पूरा किया.

मोदी जवानों से खुलकर मिले. उनके हाथ में मिठाई से भरी प्लेट थी. उन्होंने जवानों को मिठाई खिलाई. एक जवान ने भी जवाब में प्रधानमंत्री को मिठाई खिलाई. इसके बाद मोदी ने किन्नौर जिले के चांगो गांव में लोगों से मुलाकात की और बच्चों के बीच दिवाली की मिठाई बांटी.

प्रधानमंत्री को अचानक अपने बीच पाकर गांववाले हैरान रह गए और उन्होंने नारे लगाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया. उन्होंने ग्रामीणों के साथ कई फोटो खिंचवाई.

बीजेपी सांसद रामस्वरूप शर्मा ने हां, ‘यह चीन की सीमा के पास के गांव के लोगों के लिए ऐतिहासिक मौका है कि उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने का अवसर मिला है. यह किसी भी प्रधानमंत्री का इस इलाके का पहला दौरा है. इससे इलाके के विकास का रास्ता खुलेगा.’ मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद 2014 में पहली दिवाली सियाचिन में सैनिकों के साथ मनाई थी.