टिहरी : इन गांवों के ‘राम का वनवास’ खत्म हुआ, बिजली पहुंची और जश्न शुरू हो गया

भगवान राम 14 साल का वनवास काटकर अयोध्या लौटे तो हर ओर दीये जलाए गए थे. रोशनी ही रोशनी थी. भगवान के घर लौटने पर हरकोई खुश था कि आखिरकार 14 साल बाद मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम घर लौटे और अयोध्या में रोशनी भी लौट आयी.

शायद यह कलयुग का ही असर है कि आजादी के 70 साल बाद और उत्तराखंड को अलग राज्य बने भी 16 साल हो गए हैं, लेकिन अब तक टिहरी जिले में सीमांत क्षेत्र के लोग अंधेरे में जीवन बसर कर रहे थे. ऐसा लगता था, जैसे यहां के राम को 14 साल का नहीं बल्कि आजीवन वनवास हुआ है. खैर अब इस साल टिहरी जिले के भिलंगना प्रखंड के मेड और मरवाड़ी गांवों के राम लौट आए हैं, आखिरकार इन गांवों तक भी बिजली पहुंच गई है. अब इस साल ग्रामीण पहली बार दीपावली रोशनी में मनाएंगे.

जी हां दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत अब मेड के करीब 250 और मरवाड़ी के करीब 100 घरों यानी कुल 350 घरों में बिजली पहुंच गई है. योजना के तहत बीपीएल परिवारों को निशुल्क कनेक्शन दिया गया है.

बिजली आने की खुशी में ग्रामीणों ने मिलकर ऐसी अतिशबाजी की जैसे बिजली नहीं खुद राम वनवास से लौट आए हों और पूरा गांव रंगमय हो गया. ग्रामीण मानते हैं कि गांव में बिजली आ गई है तो अब युवाओं में पलायन कम होगा और गांव में रोजगार के साधन भी मिलेंगे.

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स्कूल से घर लौट रही छात्रा रेनू को जब पता चला की गांव में बिजली पहुंच चुकी है, तो रेनू भी खुश हो गई और कहने लगी कि गांव में पहले लैम्प के सहारे पढ़ाई करनी पड़ती थी, अब लाइट आने से आराम से पढ़ाई की जा सकती है और अच्छे नम्बरों से पास भी हो सकते हैं. वहीं जिलाधिकारी इंदुधर बौड़ाई ने भी गांव में लाइट पहुंचने पर खुशी जाहिर की है.

वहीं प्रशासन का कहा है कि सीमान्त गांव में असली आजादी आज ही पहुंची है. 70 साल बाद दीपावली से पहले गांव रोशन हो गया है और देरी से ही सही लेकिन सही मयानों में आज विकास का पहिया सीमान्त गांव तक पहुंचा है. सीमान्त गांव में आज भी कई बुनियादी सुविधाए न हों, लेकिन विद्युतिकरण होने से अब रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे.

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मारवाड़ी और मेड उस टिहरी जिले के गांव हैं, जिसने देश के कई प्रमुख शहरों को जगमग करने के लिए अपनी ऐतिहासिक पहचान तक को भागीरथी की विशालकाय झील में डुबो दिया. बावजूद इसके इन गांवों के लिए अब तक बिजली एक सपने जैसी रही.

अब इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं और यह दीपावली इन गांवों के लिए उम्मीद का दीया लेकर आई है. करीब तीन महीने पहले दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत दोनों गांवों के विद्युतीकरण के लिए कसरत शुरू हुई, जो अब फलीभूत हो चुकी हैं.

ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक एसएस यादव बताते हैं कि मारवाड़ी में सौ और मेड में करीब 250 परिवार हैं. दोनों जगह घरों में बिजली कनेक्शन देने का कार्य चल रहा है. बीपीएल परिवारों से इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा. मारवाड़ी की ग्राम प्रधान लीला देवी का कहना है कि पहली बार गांव में बिजली पहुंचने से दीपावली का उल्लास दोगुना हो गया है.