मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रवक्ता ने लगाया केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप

देश की नवरत्न कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) पर गुजरात सरकार के घाटे में चल रहे उपक्रम गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएसपीसी) का अधिग्रहण करने का दबाव डालने का आरोप लगाया गया है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रवक्ता सुरेंद्र कुमार ने केंद्र सरकार पर यह आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा करने से ओएनजीसी सीधे-सीधे 30 हजार करोड़ रुपये के घाटे में आ जाएगी.

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के राज्य की यात्रा पर अस्थायी राजधानी देहरादून पहुंचने पर यह मुद्दा उठाया गया है. ओएनजीसी का मुख्यालय देहरादून में है. इसके साथ ही इस उपक्रम का राज्य की अर्थव्यवस्था में भी अहम योगदान है.

सुरेंद्र कुमार ने देहरादून में एक संवाददाता सम्मेलन में कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, ‘जीएसपीसी ने वर्ष 2011-15 के बीच 19,716 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है, जिस पर 2014-15 में लगभग 1,804 करोड़ रुपये का ब्याज दिया गया.

तकनीकी व आर्थिक आकलन रिपोर्टों के आधार पर यह कहा गया है कि ओएनजीसी यदि जीएसपीसी का अधिग्रहण करती है तो उसे इस कर्ज के भुगतान के साथ-साथ जीएसपीसी की पट्रोलियम खोज व उत्पादन पर भी हजारों करोड़ रुपये खर्च करने होंगे. इस लिहाज से उसे लगभग तीस हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा.