चुनावी मौसम में बड़ी संख्या में होगा स्कूलों का उच्चीकरण, विधायकों की लगेगी लॉटरी

चुनाव करीब हैं और चुनावी मौसम अपनी रंगत दिखाने लगा है. एक बार फिर से बड़ी संख्या में स्कूलों के लिए उच्चीकरण की तैयारी है. राज्य सरकार चुनाव से पहले अपने विधायकों को चुनावी रेवड़ियां बांटने जा रही है. 2017 के चुनावी रण में उतरने से पहले प्रदेश सरकार अपने विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों को सौगात देने की तैयारी में है.

सरकार अपने विधायकों के क्षेत्रों में स्कूलों का उच्चीरण करने की तैयारी में है. इसमें हर विधायक के क्षेत्र में दो हाईस्कूल और एक इंटर कॉलेज खोलने का प्रस्ताव मांगा जा रहा है. ये नए विद्यालय अलग से नहीं खोले जाने हैं, बल्कि पूर्व में संचालित स्कूलों को ही उच्चीकृत किया जाएगा.

लम्बे समय से विधायकों का भी यह दबाव रहा है कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में स्कूलों को उच्चीकृत किया जाए. लेकिन बजट के अभाव और मानकों के चलते विभाग के सामने ऐसा कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है. लेकिन एक बार फिर से विधायकों का दबाव राज्य सरकार पर है.

विभागीय बैठकों में भी इस बात का इशारा अधिकारियों को किया गया है, लेकिन विभाग के सामने असल चुनौती मानकों की भी खड़ी हो रही है. अगर ऐसा किया जाता है कि इस पर 100 करोड़ से भी अधिक की धनराशी खर्च होगी. लेकिन मौजूदा वक्त में ऐसा हो पाना संभव भी नहीं है. क्योंकि बजट के मामले में विभाग की हालत पहले से ही खराब है और पूर्व में संचालित योजनाओं को चलाना भी विभाग के लिए मुश्किल हो रहा है. राज्य बनने के बाद से अब तक करीब 1400 से अधिक स्कूल उच्चीकृत किए गए हैं.

राज्य में पहले से ही जूनियर हाईस्कूलों के उच्चीकरण को लेकर शिक्षक संगठन और सरकार के बीच ठनी हुई है. जूनियर हाईस्कूलों के उच्चीकरण को लेकर पहले ही जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले बैठा है. देखना होगा कि चुनावी मौसम में ‌विधायकों को सौगात देने की सरकार की ये योजना रंग लाती है या नहीं.