पूर्व मुख्यमंत्रियों ने जमा नहीं कराया लाखों का बिजली बिल, इतना बकाया देख आप भी चौंक जाएंगे

पूर्व मुख्यमंत्रियों को अस्थायी राजधानी देहरादून में जो आवास आवंटित हुए हैं उसका बिजली का बिल न तो राज्य संपत्ति विभाग ने जमा कराया है, न ही आवंटियों ने. इसका नतीजा यह हुआ कि अब बकाया राशि करीब 30 लाख पहुंच गई है. मामला पूर्व मुख्यमंत्रियों से जुड़ा होने के कारण यूपीसीएल ने भी न तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई की, न ही बिल वसूली का नोटिस भेजा.

अब जब कोर्ट के निर्देश पर राज्य संपत्ति विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को 16 दिसंबर तक आवास खाली करने का नोटिस भेजा है तो यूपीसीएल को अपने बकाए की चिंता सताने लगी है.

गौरतलब है कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों को उत्तर प्रदेश की तर्ज पर देहरादून में भी आवास और अन्य सुविधा देने की व्यवस्था की गई है. इसके विरोध में रूलक संस्थान के अवधेश कौशल ने 2010 में नैनीताल हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की.

हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद राज्य कैबिनेट की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास की सुविधा तो बरकरार रखा, लेकिन अन्य सुविधाएं वापस ले लीं.

इस बीच कोर्ट के आदेश के बाद राज्य संपत्ति विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है. यूपीसीएल के आंकड़ों के मुताबिक पांच में से चार पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवास का बिजली का बिल जमा नहीं हो रहा है. सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को आवंटित आवास का बिजली का बिल बकाया नहीं है. अब यूपीसीएल ने राज्य संपत्ति विभाग से अनुरोध किया है कि आवंटित आवासों का बिजली का बिल जमा कराने की कार्रवाई की जाए.

पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी आवासों का बकाया बिजली का बिल

पूर्व मुख्यमंत्री आवंटित आवास बकाया बिजली का बिल
एनडी तिवारी एफआरआई कैंपस 12.27 लाख रुपये
भगत सिंह कोश्यारी 17 न्यू कैंट रोड 10.8 लाख रुपये
बीसी खंडूड़ी ए-01 यमुना कॉलोनी 4.12 लाख रुपये
रमेश पोखरियाल निशंक आर-04 यमुना कॉलोनी 3.02 लाख रुपये

 

पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का कहना है, ‘आवास हमें आवंटित किया गया था. हमने कब्जा तो किया नहीं था. कोर्ट ने 16 दिसंबर तक आवास खाली करने को कहा है. आवास खाली कर दिया जाएगा. मेरे पास किराया और बिजली का बिल देने के लिए तो पैसे नहीं है. इतना पैसा हम कहां से लाएंगे? आवास के साथ ही सारी सुविधाएं मिली थीं.

यूपीसीएल के प्रवक्ता पीसी ध्यानी ने कहा, ‘बकाया बिजली का बिल जमा कराने के लिए राज्य संपत्ति विभाग से अनुरोध किया जा रहा है. पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवास की जिम्मेदारी राज्य संपत्ति विभाग की है. बिजली बिल को लेकर पहले भी राज्य संपत्ति विभाग से कई बार संपर्क किया जा चुका है.

मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवास के साथ-साथ एनेक्सी हाउस का लगभग 26 लाख रुपये का बिल बकाया पड़ा हुआ है. एनेक्सी हाउस में तीन-तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों ने उस वक्त डेरा जमा रखा था, जब वो मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे. एनेक्सी हाउस का बिजली का बिल भी किसी ने जमा नहीं कराया है. यूपीसीएल एनेक्सी हाउस के बिजली का जमा कराने को लेकर संबंधित विभाग से संपर्क साध रहा है.