पीएम मोदी ने ‘ऊर्जा गंगा’ सहित 5 हजार करोड़ की सात परियोजनाओं की शुरुआत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में विकास कार्यों को गति देने के मकसद से 5,000 करोड़ रुपये की लागत से सात परियोजनाओं की सोमवार को शुरुआत की. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनकी सरकार परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन में भरोसा रखती है.

जिन योजनाओं की शुरुआत की गई, उसमें महत्वकांक्षी गैस पाइपलाइन परियोजना ‘ऊर्जा गंगा’ शामिल है. इसके जरिए शहर के अलावा पड़ोसी राज्यों के लोगों को पाइप के जरिए घरों में रसोई गैस उपलब्ध कराई जाएगी. शुरू किए गए अन्य कार्यक्रमों में डीजल लोकोमोटिव वर्क्‍स का विस्तार, 765:400 केवी जीआईएस वाराणसी पावर सब-स्टेशन का लोकर्पाण तथा वाराणसी पोस्टल रिजन का उद्घाटन शामिल हैं.

पीएम मोदी ने दूसरी लाइन के साथ इलाहाबाद-वाराणसी रेल लाइन का विद्युतीकरण, राजातालाब रेलवे स्टेशन पर जल्दी खराब होने वाले सामान के लिये कार्गो केंद्र तथा डीजल लोकोमोटिव वर्क्‍स के विस्तार से जुड़ी परियोजना (चरण-1) की शुरुआत की.

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने परियोजनाओं के समय पर पूरा किए जाने पर जोर दिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया है कि न केवल आधारशिला रखी जाए, बल्कि परियोजनाओं का समय पर उद्घाटन भी हो. उन्होंने कहा कि सरकारी पहल का वास्तविक उद्देश्य परियोजनाओं का उपयुक्त क्रियान्वयन तथा लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘5,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं काशी को समर्पित है.’ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा उपलब्ध सूचना के अनुसार ऊर्जा गंगा 2540 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन परियोजना है जो कम-से-कम सात बड़े शहरों-वाराणसी, पटना, जमशेदपुर, कोलकाता, रांची, भुवनेश्वर तथा कटक में स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा. परियोजना के 2020 तक पूरा होने की संभावना है और इससे कई बंद होने के कगार पर पहुंच चुकी उर्वरक इकाइयों को पटरी पर लाने में मदद मिलेगी.

मोदी ने 120 किलोमीटर लंबी वाराणसी-माधेसिंह-इलाहबाद रेलवे लाइन के विद्युतीकरण और दोहरीकरण परियोजना का भी शिलान्यास किया. इस परियोजना पर 750.66 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है. उन्होंने चुनिंदा उज्ज्वला लाभार्थियों को एलपीजी कनेक्शन सौंपा. उन्होंने वाराणसी शहर के ऊपर डाक टिकट भी जारी किए. मोदी ने पर्यावरण अनुकूल पहल की चर्चा की और सरकार के भारतीय रेलवे के बारे में नए दृष्टिकोण के बारे में जानकारी दी.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आमतौर पर किसी सरकार द्वारा शुरू किया गया कोई काम नेतृत्व परिवर्तन होने के काफी बाद पूरा होता है. हमारी सरकार समय पर परियोजनाएं पूरी करने और लागत बढ़ने की कम गुंजाइश छोड़ने में विश्वास करती है.’ मोदी ने वाराणसी को समर्पित एक स्मारक डाक टिकट जारी करते हुए शहर के लोगों से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि वे जब भी कुछ बाहर भेजें तो इसका इस्तेमाल करें.

उन्होंने दावा किया कि ‘इससे इस प्राचीन शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने में काफी मदद मिलेगी जो पहले ही अपने सांस्कृतिक विरासत खासकर अपने संगीत के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है.’ प्रधानमंत्री ने साथ ही वाराणसी डाक क्षेत्र का उद्घाटन किया, शहर को 765.400 केवी का एक गैस इंसुलेटेड स्विचगियर (जीआईएस) विद्युत केंद्र समर्पित किया और कोनकोर (सीओएनसीओआर) द्वारा विकसित किए जाने वाले एक अस्थायी माल केंद्र की आधारशिला रखी.

उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना के तहत एक से पांच साल की उम्र की पांच लड़कियों को पासबुक भी दिए. मोदी ने उन दो गांवों के प्रधानों को भी सम्मानित किया जहां 400 से अधिक लोगों ने बैंक खाते खोले हैं, जिससे वे सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सक्षम हुए. मोदी मई, 2014 में पदभार संभालने के बाद से अपने संसदीय क्षेत्र के आठवें दौरे पर आए थे. इनमें से चार दौरे उन्होंने इसी साल किए.