पूर्व मुख्यमंत्रियों को 16 दिसंबर तक खाली करने ही होंगे सरकारी बंगले : हाईकोर्ट

नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य के पांचों पूर्व मुख्यमंत्रियों को पद से हटने के सालों बाद भी अपने कब्जे में रखे सरकारी बंगलों को खाली करने के लिए और समय देने से इंकार कर दिया और कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में तय की गई 16 दिसंबर की समयसीमा का उन्हें पालन करना होगा.

याचिकाकर्ता के वकील कार्तिकेय हरि गुप्ता ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्रियों को उन्हें आवंटित सरकारी बंगलों को खाली करने के लिए दी गई 16 दिसंबर की समयसीमा को बढ़ाने से साफ इंकार कर दिया है.

पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने हाईकोर्ट से अपील की थी कि उन्हें सरकारी बंगला खाली करने के लिए छह महीने का समय दिया जाए. हालांकि, गुप्ता ने बताया कि हाईकोर्ट ने इस संबंध में सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को राज्य सरकार द्वारा तय समयसीमा का कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया है.

हाईकोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार को पूर्व मुख्यमंत्रियों से आवंटित सरकारी बंगलों का पुराने समय से किराया भी वसूलने के निर्देश दिए. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्रियों द्वारा पद से हटने के बाद सरकारी बंगलों पर काबिज रहने के दौरान किराए का ब्यौरा बनाए और उसे अदालत के सामने 21 नवंबर तक प्रस्तुत करे.

यहां स्थित गैर सरकारी संगठन रूरल लिटिगेशन एंड एनटाइटलमेंट केंद्र (रूलक) के अध्यक्ष और प्रसिद्घ मानवाधिकार कार्यकर्ता पदमश्री अवधेश कौशल की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ये निर्देश दिए हैं.