ऐसे तो नहीं मिलने वाली उत्तराखंड के किसी क्रिकेट एसोसिएशन को BCCI की मान्यता, अनुराग ठाकुर ने बताया कारण

बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि उत्तराखंड में गुटबाजी के कारण राज्य क्रिकेट का बंटाधार हुआ है. यही कारण है कि आज तक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन को बीसीसीआई से मान्यता नहीं मिल पाई है. इसका खामियाजा स्थानीय खिलाड़ियों को उठाना पड़ रहा है. एसोसिएशन को जल्द मान्यता दिलाने के लिए बीसीसीआई जल्द ठोस कदम उठाएगा.

आईआईटी रुड़की के एनसी निगम सभागार में शुक्रवार को एक स्थानीय अखबार से विशेष बातचीत में अनुराग ठाकुर ने कहा कि उत्तराखंड गठन के 16 साल बाद भी क्रिकेट एसोसिएशनों में खींचतान के चलते किसी को बीसीसीआई से मान्यता नहीं मिल पाई है. जबकि 10-12 सालों से राज्य की कई एसोसिएशन इसके लिए कोशिशें कर रही हैं. मजबूरन राज्य के खिलाड़ी दिल्ली, पंजाब, छत्तीसगढ़ आदि बाहरी राज्यों में क्रिकेट में अपना भविष्य तलाशने को मजबूर हो रहे हैं.

उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता देने के लिए बीसीसीआई की ओर से किए जा रहे प्रयासों के संबंध में जब अनुराग ठाकुर से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इसके लिए निर्धारित मानक पूरे करने होते हैं. लेकिन उत्तराखंड में कई संगठन इसके विपरीत गुटबाजी में लगे हुए हैं.

राज्य क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता के लिए बीसीसीआई ने पिछले वर्ष तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित की थी. हालांकि इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा सकती. लेकिन रिपोर्ट के आधार पर राज्य क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता देने के प्रयास चल रहे हैं.

उम्मीद है जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे. गौरतलब है कि राज्य से दो संगठन समेत कई एसोसिएशनस बीसीसीआई से मान्यता के लिए दावा कर रही हैं. बीसीसीआई किसी भी राज्य क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता देने के बाद भारी भरकम बजट जारी करता है. यह बजट राज्य में खेल सुविधाओं के विकास के लिए दिया जाता है. यही कारण है कि उत्तराखंड में क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग अलग-अलग संगठनों को समर्थन दे रहे हैं.

उत्तराखंड में क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता दिलाने के लिए अनुराग ठाकुर के समक्ष भाजयुमो के राष्ट्रीय सचिव विनोद कंडारी ने भी वकालत की. कहा पहले भी इस मामले को कई बार उठाया गया है. लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आया. कंडारी ने कहा उम्मीद है बीसीसीआई अध्यक्ष इस समस्या का जल्द समाधान निकालेंगे.

बीसीसीआई में सुधार के लिए बनाई गई लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू करने के संबंध में अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस कमेटी की सिफारिशों में कई खामियां हैं. जिसके संबंध में सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा.