हाईकोर्ट ने पाचों पूर्व मुख्यमंत्रियों से पूछा- ‘कब तक खाली करेंगे सरकारी बंगले’

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुधुवार को पद से हटने के बावजूद सालों से अस्थायी राजधानी देहरादून में सरकारी बंगलों पर काबिज राज्य के पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों से यह स्पष्ट करने को कहा कि वे बंगले कब तक खाली करेंगे.

याचिकाकर्ता के वकील कार्तिकेयन गुप्ता ने बताया कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ ने पूर्व मुख्यमंत्रियों से बंगले खाली करने के लिए अपनी समय सीमा बताते हुए गुरुवार तक अपना लिखित शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिया है.

हाईकोर्ट का यह निर्देश राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में बुधवार को अदालत में दाखिल किए गए उस जवाब के बाद आया है, जिसमें उसने बताया कि उसने पांचों पूर्व मुख्यमंत्रियों को सारकारी आवास खाली करने के लिए 16 दिसंबर तक का समय देते हुए नोटिस जारी कर दिया है. अदालत में राज्य सरकार ने नोटिस की प्रतियां भी पेश कीं.

हाईकोर्ट ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के उस अनुरोध को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने बंगला खाली करने के लिए दी गई समयसीमा दो महीने से बढाकर छह माह करने का आग्रह किया था. एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के भी बीमारी के आधार पर बंगला खाली करने से छूट दिए जाने के अनुरोध को अदालत ने खारिज कर दिया.

प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता पदमश्री अवधेश कौशल द्वारा इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिए.