दिल्ली वनडे : कोहली के घरेलू मैदान पर जीत के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

पहले वनडे मैच में एकतरफा मुकाबले में न्यूजीलैंड को मात देने के बाद टीम इंडिया का मनोबल ऊंचा है और फिरोजशाह कोटला मैदान पर गुरुवार को होने वाले दूसरे वनडे मैच में भारत अपने विजयी क्रम को जारी रखना चाहेगा.

उल्लेखनीय है कि शानदार फॉर्म में चल रहे भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली का यह घरेलू मैदान है, इसके साथ ही मुख्य कोच अनिल कुंबले का पसंदीदा मैदान भी है. भारत की कोशिश यहां जीत दर्ज कर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 से बढ़त हासिल करते हुए विपक्षी टीम पर दवाब बनाने की होगी.

कोटला भारत के लिए हमेशा से अनुकूल परिणाम देने वाला मैदान साबित हुआ है. टीम के मुख्य कोच अनिल कुंबले ने इसी मैदान पर इतिहास रचते हुए टेस्ट मैच की एक पारी में पूरे के पूरे 10 विकेट लेने का कारनामा किया था.

भारत ने पहले मैच में किवी टीम को जिस तरह से मात दी, उसको देखते हुए मेजबानों का पलड़ा भारी लग रहा है. हालांकि भारतीय टीम अपने विपक्षी को हल्के में लेने की भूल नहीं कर सकती. विश्व कप उप-विजेता किवी टीम में वापसी की काबिलियत है और धोनी एवं कुंबले दोनों इस बात से भली भांति परिचित हैं.

इस मैच के लिए भारतीय टीम में किसी तरह के बदलाव की संभावना नहीं दिखाई देती. सलामी बल्लेबाजी का जिम्मा अंजिक्य रहाणे और रोहित शर्मा पर ही होगा. हालांकि टीम को इस मैच में सबसे ज्यादा उम्मीद स्थानीय खिलाड़ी कोहली से होगी. दिल्ली के दर्शक अपने स्टार खिलाड़ी के बल्ले से रनों की बारिश के अलावा कुछ नहीं चाहते.

दिल्ली क्रिकेट एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के उपाध्यक्ष चेतन चौहान पिच पर थोड़ी घास होने और थोड़ा उछाल युक्त रहने की बात कह चुके हैं. मेहमान टीम की बात करें तो पहले मैच में सलामी बल्लेबाज टॉम लाथम और अंत में तेज गेंदबाज टिम साउदी ने जिस तरह की बल्लेबाजी की, टीम प्रबंधन चाहेगा कि बाकी बल्लेबाज भी इन दोनों से कुछ सीखें और अगले मैच में रन बटोरें.

हालांकि किवी टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता मार्टिन गुप्टिल और रॉस टेलर के बल्ले का खामोश होना है. कप्तान केन विलियमसन पर टीम की बल्लेबाजी काफी हद तक निर्भर करेगी. साउदी पर टीम की गेंदबाजी का जिम्मा होगा. अगर पिच अपने पुराने इतिहास के अनुकूल ही रहती है तो ऐसे में स्पिन गेंदबाज मिशेल सैंटनर की भूमिका अहम होगी.

टीमें इस प्रकार हैं :
भारत : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान-विकेटकीपर), रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, विराट कोहली, मनीष पांडे, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, जयंत यादव, अमित मिश्रा, जसप्रीत बुमराह, धवल कुलकर्णी, उमेश यादव, मनदीप सिंह, केदार जाधव और सुरेश रैना.

न्यूजीलैंड : केन विलियमसन (कप्तान), कोरी एंडरसन, ट्रेंट बाउल्ट, डग ब्रेसवेल, एंटन डेविक, मार्टिन गुप्टिल, मैट हेनरी, टॉम लाथम, जिम्मी नीशम, ल्यूक रोंची (विकेटकीपर), मिशेल सैंटनर, ईश सोढ़ी, टिम साउदी, रॉस टेलर और बी.जे. वॉटलिंग (विकेटकीपर).