बिना किसी चेहरे के उत्तराखंड के चुनावी समर में उतरने को तैयार बीजेपी

उत्तराखंड बीजेपी में मुख्यमंत्री पद के लिए कई दावेदारों के बीच पार्टी किसी चेहरे को पेश किए बिना विधानसभा चुनाव में उतर सकती है.

बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अस्थायी राजधानी देहरादून में संवाददाताओं से बातचीत में इस बाबत संकेत देते हुए कहा, ‘हमने इस विषय में अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है और हम नहीं समझते कि यह जरूरी है.’ उनसे पूछा गया था कि क्या अगले साल होने वाले चुनाव से पहले पार्टी मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करेगी.

बीजेपी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी पहले भी मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए बिना कई राज्यों में चुनाव जीत चुकी है. उन्होंने कहा, ‘हमने झारखंड में मुख्यमंत्री पद के किसी चेहरे को आगे नहीं किया, फिर भी हम जीते. महाराष्ट्र या गुजरात में भी हमने ऐसा कुछ नहीं किया लेकिन फिर भी हम दोनों राज्यों में जीते. हम नहीं समझते कि यह जरूरी है.

हालांकि, उन्होंने इस संबंध में किसी तरह की संभावना को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया और कहा कि अभी तक पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में कुछ तय नहीं किया है.

राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले, इस बार बीजेपी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना उतना आसान नहीं है क्योंकि पार्टी में इस पद के लिए कई उम्मीदवार हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद भगत सिंह कोश्यारी, भुवन चंद्र खंडूरी और रमेश पोखरियाल निशंक जैसे पार्टी के पुराने दिग्गज नेताओं के अलावा इसी साल पार्टी में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी हैं.

यह पूछे जाने पर कि हाल में कांग्रेस से पार्टी में शामिल हुए पूर्व कांग्रेस विधायकों को बीजेपी किस प्रकार समायोजित करेगी, विजयवर्गीय ने कहा कि वे सब अब बीजेपी के समर्पित कार्यकर्ता बन चुके हैं और पार्टी नेतृत्व के कहने के अनुसार वे कार्य करेंगे.

उन्होंने कहा कि अगर पार्टी उन्हें टिकट देगी तो वे चुनावी समर में उतरेंगे और अगर उन्हें टिकट नहीं मिलता तो वे पार्टी में वैसे ही कार्य करते रहेंगे जैसे अभी कर रहे हैं.

अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे के अंतिम दिन बीजेपी महासचिव विजयवर्गीय ने बताया कि वह देहरादून में पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव से पहले बूथ लेवल तक सक्रिय करने के लिए एकजुट करने आए थे. उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में अपनी विजय को लेकर बीजेपी आश्वस्त है, लेकिन केवल मजबूत सांगठनिक ढांचा ही स्थिर सरकार दे सकता है.

कांग्रेस के इस आरोप पर कि उन्होंने उत्तराखंड में एक निर्वाचित सरकार को गिराने के लिए बागी विधायकों को खरीदा था, विजयवर्गीय ने स्पष्ट संकेत दिया कि निकट भविष्य में सीडी कांड में मुख्यमंत्री हरीश रावत के चारों तरफ फंदा और मजबूत हो सकता है.

उन्होंने कहा कि इसके बारे में अटकलें लगाने का कोई फायदा नहीं है. सीबीआई जल्द ही अपनी जांच से यह स्पष्ट कर देगी कि राज्य में विधायकों को खरीदने के लिए कौन दोषी है.