त्रियुगीनारायण सहित पांच और ट्रैक पर नर कंकालों की खोज, अभियान कल से होगा शुरू

रुद्रप्रयाग जिले में त्रियुगीनारायण-केदारनाथ वैकल्पिक मार्ग पर नर कंकालों के मिलने के बाद लगता है शासन-प्रशासन की नींद टूट गई है और अब केदारनाथ से जुड़े अन्य ट्रैकों पर भी सर्च अभियान का निर्णय लिया गया है.

गुरुवार 20 अक्टूबर से दस दिवसीय सर्च अभियान शुरू हो रहा है, जिसमें पांच टीमें गठित कर पांच ट्रैकों पर नर कंकालों की खोज की जाएगी. रांसी, गौंडार, त्रियुगीनारायण, चौमासी से केदारनाथ वाले पैदल ट्रैक सहित केदारनाथ के मुख्य पैदल मार्ग पर रामबाड़ा के ऊपरी तरफ नर कंकालों की खोज की जाएगी.

दुनियाभर में भद्द पिटने के बाद प्रशासन और पुलिस द्वारा यह अभियान शुरू किया जा रहा है. प्रत्येक दल में पांच-पांच सदस्य होंगे, इनमें स्वास्थ्य विभाग का भी एक कर्मचारी होगा, जो मिलने वाले नर कंकालों का डीएनए सैंपल इकट्ठा करेगा. ये सभी दल बुदवार 19 अक्टूबर को जिला मुख्यालय से अपने-अपने निर्धारित ट्रैक के लिए रवाना होंगे.

पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा के अनुसार जिस तरह से त्रियुगीनारायण-केदारनाथ वैकल्पिक मार्ग पर काफी संख्या में नर कंकाल मिले हैं, उसे देखते हुए धाम से जुड़े अन्य ट्रैक पर भी कंकाल मिलने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है.

ज्ञात हो कि बीते 13 अक्टूबर को माटा के ट्रैकर्स ने त्रियुगीनारायण-केदारनाथ पैदल मार्ग पर 12 से 14 की संख्या में नर कंकाल मिलने की बात कही थी. इसके बाद त्रियुगीनारायण के ग्रामीणों के 15 सदस्यीय दल ने ट्रैक पर 50 से अधिक कंकाल मिलने की बात कही.

नर कंकालों के मिलने पर शासन द्वारा पुलिस और एसडीआरएफ की दो रेस्क्यू टीमें गठित की गई थीं, जिन्होंने दो दिन में 31 नर कंकाल खोजे और उनका दाह संस्कार किया. त्रियुगीनारायण-केदारनाथ ट्रैक पर नर कंकालों की खोज में जुटी पुलिस और एसडीआरएफ की टीम को दो और नर कंकाल मिले हैं.

ये दोनों कंकाल सोमवार देर शाम को मिले थे, जिनका मंगलवार को विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया. एसपी पीएन मीणा ने बताया कि ट्रैक के चारों तरफ रेस्क्यू किया जा रहा है. अभी तक कुल 33 नर कंकाल मिल चुके हैं.