चमोली : बद्रीनाथ के पास माणा में वायुसेना के हेलीकॉप्टर MI-17 V5 की इमरजेंसी लैंडिंग

उत्तर दिशा में तिब्बत बॉर्डर पर उत्तराखंड में देश के आखिरी गांव माणा में सैनिक अभ्यास के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया. सैनिक अभ्यास के दौरान तकनीकि के खराबी चलते MI-17 को इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी.

शुरुआती खबरों में हेलीकॉप्टर MI-17V5 के बद्रीनाथ के पास दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर थी. वायुसेना इस तकनीकी खराबी की जांच के आदेश दे दिए हैं. इस हादसे में किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है.

चमोली के डीएम विनोद कुमार सुमन ने बताया कि एमआई 17 विमान क्रैश नहीं हुआ, तकनीकि खराबी के चलते माणा के पास घस्तोली में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है. विमान में सवार चार लोग सुरक्षित हैं.

बताया गया विमान के थोड़ी ही ऊंचाई पर जाने के बाद गड़बड़ी का पता चला था, जिसके बाद पायलट ने सूझ बूझ दिखाते हुए तुरंत लैंडिंग की. हादसे में कोई भी हताहत नहीं हुआ, लेकिन विमान को भारी नुकसान पहुंचा है. यह हादसा कुमाऊं रेजीमेंट की ड्रिल के दौरान हुआ. बद्रीनाथ थाने के एसओ मदन लाल भी तुरतं फोर्स के साथ मौके के लिए रवाना हुए,

बता दें कि उत्तराखंड गौचर में वायु सेना और थल सेना के संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास चल रहा है. जहां सेना के जवानों को पैरासेलिंग (चलते विमान से उतरने) के गुर सिखाए जा रहे हैं.

गौचर में वायु सेना और थल सेना के संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान जहां सेना के जवानों को पैरासेलिंग (चलते विमान से उतरने) के गुर सिखाए गए वहीं वायु सेना के विंग कमांडरों ने दुर्गम ऊंचाई पर देर रात तक हेलीकॉप्टरों की उड़ान भरने का अभ्यास किया. तीन दिवसीय संयुक्त अभ्यास में सेना और वायु सेना के 60 से अधिक जांबाज शामिल हैं.

वायु सेना के विंग कमांडरों और थल सेना के जवानों ने सोमवार से गौचर हवाई पट्टी में संयुक्त अभ्यास शुरू किया. प्रशिक्षण के दौरान सेना के जवानों को चलते विमान से करीब 10 से पचास फिट की ऊंचाई से उतरना सिखाया जा रहा है.

वायु सेना के विंग कमांडर दो हेलीकॉप्टरों के जरिए पहाड़ की कठिन परिस्थितियों और दुर्गम ऊंचाई पर दिन और रात के समय हेलीकॉप्टरों की उड़ान भरने का अभ्यास कर रहे हैं. संयुक्त अभ्यास में वायु सेना बरेली डिविजन के विंग कमांडर और छह कुमाऊं रेजीमेंट रुद्रप्रयाग के जवान और अधिकारी शामिल हैं. तीन दिवसीय संयुक्त अभ्यास बुधवार को संपन्न होगा.

वायुसेना ने यह हेलीकॉप्टर रूस से खरीदा है. अपनी कैटेगरी में यह वायुसेना का बहुत ही अच्छा हेलीकॉप्टर माना जाता है. 2011 में इसे वायुसेना में शामिल किया गया था.