हरिद्वार : गैंगरेप की रिपोर्ट नहीं लिखी तो महिला ने थाने में फाड़ डाले अपने कपड़े

सांकेतिक फोटो

बलात्कार का केस दर्ज न किए जाने पर एक महिला ने थाने में अपने कपड़े फाड़ डाले. इतना ही नहीं काफी देर तक जब मामला दर्ज नहीं किया गया तो महिला अपने सिर पर ईंट मारने लगी.

दिल्ली की एनजीओ कार्यकर्ता ने रविवार को पहले हरिद्वार के सप्तऋषि चौकी और फिर देर शाम नगर कोतवाली पहुंचकर हंगामा काटा. उसने कोतवाली कैंपस में रखी ईंट उठाकर अपने सिर पर दे मारी और कपड़े फाड़ने लगी.

यह सब होता देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए. जैसे-तैसे महिला को समझाकर शांत किया. बाद में महिला की शिकायत पर तीन-चार संतों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया गया.

रविवार दोपहर सप्तऋषि चौकी पर पहुंची दिल्ली के मयूर विहार की रहने वाली एक महिला ने आरोप लगाया था कि सप्तऋषि क्षेत्र के एक आश्रम में उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया. हरकत में आई पुलिस ने आश्रम के साधु संतों को हिरासत में ले लिया था.

इधर, पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और महिला की शिकायत को लेकर उसे जांच की बात कह कर वापस भेज दिया था. शाम करीब सात बजे वह अपनी परिचित एक महिला और दो युवकों के साथ कोतवाली पहुंची और वहां जमकर हंगामा किया. उसने कैंपस में रखी ईंट अपने सिर पर दे मारी, फिर अपने कपड़े ही फाड़ने लग गई.

महिला के तेवर देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए. महिलाएं कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया से भी उलझ पड़ीं. बाद में एसपी सिटी मणिकांत मिश्रा ने स्थिति संभाली. एसपी सिटी ने बताया कि महिला की शिकायत पर तीन-चार संतों के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच की जा रही है. महिला का मेडिकल भी कराया गया है. पूछताछ के लिए एक दृष्टिहीन संत को हिरासत में लिया गया है.