‘उत्तराखंड में हरीश रावत की कुर्सी छीनने के लिए बीजेपी को चाहिए बड़ा चेहरा’

उत्तराखंड में बीजेपी को अगर चुनाव जीतना है तो इसके लिए जरूरी है कि पार्टी अपना चेहरा घोषित करे. चेहरा भी ऐसा होना चाहिए जो हरीश रावत का मुकाबला कर पाए और जिसके नाम पर कोई विवाद भी न हो. यह सुझाव सोमवार को पार्टी पदाधिकारियों ने बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को दिया.

गौरतलब है कि उत्तराखंड में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गए हैं. 18 मार्च के बाद के राजनीतिक घटनाक्रम में बीजेपी सत्तारूढ़ कांग्रेस से मात खा चुकी है.

फ्लोर टेस्ट के दौरान पार्टी की रणनीतिक कमान संभालने वाले बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय विधानसभा चुनावों को लेकर रणनीति तय करने तीन दिवसीय दौरे पर देहरादून आए हुए हैं.

सोमवार को बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान पार्टी के कई पदाधिकारियों ने खुलकर कहा है कि अगर यहां चुनाव जीतना है तो पार्टी को अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार सामने रखना होगा.

चेहरा भी ऐसा होना चाहिए जो हरीश रावत का मुकाबला कर सके और जिसके नाम पर कोई विवाद न हो. सूत्रों के मुताबिक बैठक में कई सदस्यों ने सुझाव दिया है कि पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी या बीसी खंडूड़ी को चेहरा घोषित किया जाना चाहिए. जहां तक दूसरी पंक्ति के नेताओं को कमान दिए जाने का सवाल है तो उनको दो-तीन साल बाद भी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.

अभी सबसे बड़ा सवाल विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करना है. यह जीत तभी हासिल हो सकती है, जब पार्टी के पास भी हरीश रावत के मुकाबले में कोई चेहरा हो. हालांकि विजयवर्गीय ने चुनावी सर्वे, मोदी का चेहरा और कई राज्यों में बिना किसी चेहरे के चुनाव जीतने की बात कही.

इस पर पार्टी पदाधिकारियों ने साफ-साफ कह दिया कि उत्तराखंड में नेता घोषित किए बिना चुनावी नाव का किनारे पर पहुंचना मुश्किल है.