राहुल गांधी से मुलाकात से पहले किशोर उपाध्याय बीमार, बैठक पर संशय

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार और पार्टी संगठन के बीच चल रही तनातनी को दूर करने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा मंगलवार को बुलाई गई अहम बैठक से पहले प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के बीमार पड़ने से उसके आयोजन पर संशय पैदा हो गया है.

मंगलवार को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में उपाध्याय के हिस्सा लेने के बारे में पूछे जाने पर पार्टी सूत्रों ने कहा कि उन्हें तेज बुखार है और इसलिए वह मंगलवार को होने वाली बैठक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे.

उन्होंने कहा, ‘अध्यक्षजी (उपाध्याय) को 104 डिग्री बुखार है और डॉक्टर ने उन्हें एक सप्ताह के आराम की सलाह दी है.’ हालांकि, इस बाबत पूछे जाने पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वह नई दिल्ली जा रहे हैं जहां पार्टी आलाकमान के साथ सरकार और संगठन के कामकाज के अलावा आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बारे में भी चर्चा होगी.

सूत्रों के मुताबिक, उत्तराखंड मामलों की प्रभारी अंबिका सोनी और सहप्रभारी संजय कपूर की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में राहुल गांधी के मुख्यमंत्री रावत और उपाध्याय के बीच लंबे समय से चल रही तनातनी को दूर कर आपसी मुद्दों को सुलझाने के निर्देश दिए जाने की बात कही जा रही थी.

पार्टी सूत्रों का मानना है कि अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सरकार और संगठन के बीच तनातनी गत मार्च में 10 विधायकों के पार्टी से बगावत करने से पहले ही कमजोर हो चुकी पार्टी को और गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है.

गौरतलब है कि उपाध्याय और मुख्यमंत्री के बीच काफी लंबे समय से कई मुद्दों खासतौर से प्रगतिशील लोकतांत्रिक मोर्चा (पीडीएफ) से समर्थन जारी रखने को लेकर मतभेद चले आ रहे हैं.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उपाध्याय जहां इस मामले में चुनाव सिर पर आने से पहले ही मुख्यमंत्री रावत से अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करने का आग्रह करते रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री इस संबंध में पार्टी आलाकमान द्वारा निर्णय लेने की बात कहते रहे हैं.

हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार को छह सदस्यीय पीडीएफ समर्थन दे रहा है, जिसके चार सदस्य कैबिनेट मंत्री भी हैं.