चरमराती व्यवस्था | स्वास्थ्य मंत्री के गृहक्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर ने मासूम की जिंदगी से किया खिलवाड़

उत्तराखंड के स्वास्थ्य सेवाओं का क्या हाल है यह खुद स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी के गृहक्षेत्र कोटद्वार की इस खबर से आप समझ जाएंगे. पौड़ी जिले के कोटद्वार में झोलाछाप डॉक्टर गरीब जनता की जान के दुश्मन बने हुए हैं. ताजा मामला लकड़ी पड़ाव स्थित एक 10 साल के मासूम का है, जिसके हाथ काटने तक की नौबत आ गई है.

दरअसल, 10 वर्षीय कृष को हाथ में दर्द के चलते उसके परिजन जब एक झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए, तो डॉक्टर ने उसके हाथ में ऐसा इजेक्शन लगाया कि उसके हाथ में गैंगरीन ही हो गया. इस घटना की जानकारी जब शहर के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं को लगी तो उन्होंने कृष के घर पहुंचकर उसके इलाज के लिए हाथ आगे बढ़ाते हुए उसकी हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाया.

उधर स्वास्थ्य मंत्री के गृहक्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर की करतूत के बाद नींद से जागे स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों ने लकड़ीपड़ाव, आमपड़ाव, गाड़ीघाट के साथ ही शहर के दूसरे स्थानों पर झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ छापेमारी भी की, लेकिन जबतक कार्रवाई होती, तब तक सभी अपनी दुकानों पर ताला जड़कर मौके से फरार हो गए.

हालांकि कुछ झोलाछापों की जांच टीम के सदस्यों की ओर से छानबीन भी की गई, लेकिन वह भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. जिसके बाद जांच टीम ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनको नोटिस जारी कर दिया है.