अगले साल तक 24 घंटे मिलेगी बिजली, इस साल 1000 किमी सड़कें बन रही हैं : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को हल्द्वानी में कई योजनाओं की घोषणा की. इस मौके पर हरीश रावत ने कहा कि राज्य में इस साल 1000 कि.मी. नई सडकों का निर्माण किया जा रहा है. राज्य में 2017 तक 24 घंटे बिजली प्रदान की जाएगी.

उन्होंने कहा कि सक्रिय स्वयं सहायता समूहों को 25 हजार सीडमनी के रूप में दी जाएगी, साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री का विपणन हेतु जिलाधिकारियों द्वारा साप्ताहिक हाट बाजारों का आयोजन किया जाएगा, ताकि ग्रामीण महिलाओं द्वारा उत्पादित वस्तुओं को स्थानीय बाजार मिल सके.

पहाडी क्षेत्रो में ईको टूरिज्म, हस्तशिल्प, जैविक खेती, फल, दालें आदि उत्पादन कर आत्मनिर्भर बनाकर पलायन को रोके जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. मलिन बस्तियों का भी विनियमितीकरण किया जायेगा साथ ही जनआवास के तहत 35 हजार गरीबों को घर भी आवंटित किए जाएंगे. उत्तराखंड में लगभग 7 लाख 13 हजार गरीब पात्र लोगों को समाज कल्याण द्वारा पेंशन दी जा रही है, पेंशन धनराशि 800 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी गई है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 तक 10 लाख पात्र लोगों को पेंशन देने का लक्ष्य रखा गया है. उत्तराखंड में पेंशन धनराशि देश में सर्वाधिक है. उन्होने कहा जगरिया, डंगरिया, कलाकार, सगुन आंखर वालों के साथ ही बौना लोगों को भी पेंशन लागू कर दी गई है.

अपने सम्बोधन में वित्तमंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कार्यक्रम में सभी का स्वागत करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का कुमाऊं ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक इतिहास संजोए है. कुमाऊं में काफी समय से व्यवासायिक गतिविधियां भी संचालित होती रही है. कुमाऊं का प्रवेश द्वारा हल्द्वानी व्यवसायिक गतिविधियों का मुख्य केन्द्र है. बदलते दौर में हल्द्वानी महानगर के रूप में तबदील हो चुका है.

उन्होंने कहा, बढ़ती जनसंख्या के चलते जनआकाक्षांओं में वृद्धि हुई है. ऐसे में हल्द्वानी महानगर ग्रेटर हल्द्वानी के रूप में तेजी से विकसित एवं परिवर्तित होता जा रहा है. सरकार द्वारा प्रदेश में करोडों की लागत के विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं. वही हल्द्वानी विधानसभा में लगभग एक हजार करोड के विकास कार्य गतिमान है. हल्द्वानी गौलापार मे दो सौ करोड की लागत से इंदिरा गांधी अन्तरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है.

वित्त मंत्री ने कहा, विकास हमारी संस्कृति और हमारी परम्परा है. कांग्रेस की सरकार ने जो विकास कार्य किए हैं वह अद्वितीय एवं मील का पत्थर हैं. इसी श्रंखला में त्योहारों के बीच आज हमने हल्द्वानी में राज्य का सबसे विशाल एवं आधुनिकतम अन्तरराज्यीय बस टर्मिनल आईएसबीटी का शिलान्यास किया है. यह बस टर्मिनल 76 करोड की लागत से 20 एकड क्षेत्रफल में बनाया जाएगा. हल्द्वानी शहर के बीच मे वर्तमान में संचालित बस अडडा अव्यवस्थित सा है. जो क्षमता के लिहाज से अपने उददेश्य को पूरा नहीं कर पा रहा है.
उन्होंने कहा, महानगर के रूप में तबदील हल्द्वानी शहर वाहनों के दबाव के कारण जाम में फंसा सा रहता है. जरूरत महसूस की गई कि लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा देने जाम से मुक्ति दिलाने तथा आकस्मिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक विशालतम एवं आधुनिक आईएसबीटी का निर्माण किया जाए.

आधुनिकतम आईएसबीटी में पूछताछ, आरक्षण, टिकट काउंटर, पर्यटन सूचना केन्द्र, यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए अलग से टैक्सी स्टैंड, अस्पताल व मेडिकल स्टोर की सुविधा, पुलिस बूथ, पीसीओ, मिनी डाकघर, बैंक, एटीएम सुविधा, इंटरनेट सेंन्टर, पीने के लिए शुद्ध पानी, शौचालय, प्रतिक्षालय, अमानती सामान घर, रैस्टोरेन्ट, प्रोविजन स्टोर, 16 यात्रियों की क्षमता की दो डौरमैट्री, 12 यात्रियों की क्षमता के चार डौरमैट्री, शुद्ध व लजीज भोजन के रियायती दर के रैस्टोरेन्ट, ड्राइवर-कंडक्टर के रिटायरी रूम, बसों के आधुनिक वर्कशाप, यात्री निवास होटल बनाये जाएंगे.

आइएसबीटी का डिजाइन इस प्रकार का बनाया गया है. इस से प्रतिदिन 28 सौ बसों का संचालन पवतीय क्षेत्रों के अलावा अन्य राज्यो को किया जाएगा. इस आईएसबीटी से लगभग डेढ लाख यात्रियों को प्रतिदिन यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी. आईएसबीटी का डिजाइन वर्ष 2035 की जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए किया गया है. आईएसबीटी का निर्माण एक साल के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है. इस आईएसबीटी के निर्माण एव धरातल पर उतारने का कार्य अन्तरराष्टीय निर्माण एजेन्सी नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कम्पनी को दिया गया है. नागार्जुन द्वारा ही अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण भी किया जा रहा है.