श्रीनगर : दिन दहाड़े गांव में घूम रहा है गुलदार, ग्रामीणों में दहशत | पिजरा लगाने की मांग

पौड़ी जिले में श्रीनगर के निकट स्थित डांग गांव में ढाई महीने पहले गुलदार के पकड़े जाने के बावजूद एक बार फिर यहां गुलदार देखे जाने से लोगों में दहशत है.

ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार रोज दिन दहाड़े ही गांव के बीचोंबीच पहुंच जा रहा है और पशुओं को शिकार भी बना रहा है. ग्रामीणों के अनुसार केवल डांग गांव में ही नहीं बल्कि खोला, ऐठाणा और रेवड़ियों गांव के साथ बुघाणी मार्ग पर भी शाम को जोड़ों में गुलदार देखे जा रहे हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि सूचित किए जाने के बावजूद वन विभाग पिंजरा लगाने तक को तैयार नहीं है. उनका कहना है कि कई बार स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को इस बारे में सूचना दी गई है, लेकिन लोगों की जान के साथ वन विभाग खिलवाड़ कर रहा है.

अपनी आंखों से गुलदार को देख चुके ग्रामीण गुड्डी सेमवाल और हरीश चन्द्र भट्ट का कहना है कि लगभग रोज ही गुलदार गांव के बीच आ धमकता है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. उनका कहना है कि लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर रहे हैं, क्योंकि जिस तरह गुलदार दिनदहाड़े आबादी के बीच घुस रहा है उससे कभी भी कोई अनहोनी घटना हो सकती है.

ग्रामीणों का कहना है कि कभी गुलदार अपने दो बच्चों के साथ दिखाई दे जाता है तो कभी वो खुद अकेले ही आबादी क्षेत्र में आ जाता है. उनका कहना है कि ढाई महीने पहले जब वन विभाग ने एक आवासीय भवन से गुलदार को कैद किया था, तो ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन एक बार फिर गुलदार के देखे जाने से वे भयभीत हैं.

दूसरी तरफ सिविल सोयम वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी राजेन्द्र नेगी का कहना है कि पशुओं को शिकार बनाए जाने के बाद ही गुलदार को कैद करने के लिए पिंजरा लगाया जा सकता है.

उनका कहना है कि लोगों ने मौखिक तौर पर तो बताया है, लेकिन लिखित तौर पर अभी तक किसी ने शिकायत नहीं की है. हालांकि उनका कहना है कि ये रिजर्व फॉरेस्ट का मामला है, जिसकी सूचना आलाधिकारियों को दे दी गई है.