हल्द्वानी को मिलेगा आधुनिकत्तम बस अड्डा, मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री हरीश रावत, वित्त मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश, परिवहन मंत्री नवप्रभात और श्रममंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने शुक्रवार शाम गौलापार (ग्रेटर हल्द्वानी) में संयुक्त रूप से वैदिक मंत्रों के बीच लगभग 143 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया. इसमें भव्य व आधुनिकतम अंतरराज्यीय बस टर्मिनल भी है.

समारोह में 76 करोड की लागत से बनने वाले आईएसबीटी के अलावा विधानसभा क्षेत्र लालकुआं के अन्तर्गत गौलापार मध्य एवं पूर्वी के आन्तरिक मार्ग का निर्माण लागत 156.65 लाख, विधानसभा क्षेत्र लालकुआं के अन्तर्गत बरेली रोड के आन्तरिक मार्गों का पीसी द्वारा निर्माण कार्य लागत 352.60 लाख का शिलान्यास व हल्द्वानी महानगर में कॉलटैक्स से दमुवाढूंगा पनचक्की नहर 2.90 किमी तथा देवलचैड मार्ग दमुवांढूगा पनचक्की से आईटीआई क्रॉसिंग तक 4.20 किमी तक नहर को कवर कर पुननिर्माण कार्य लागत 3961.27 लाख का लोकापर्ण किया गया.

विधानसभा क्षेत्र लालकुआं में हल्द्वानी उपमार्ग के किमी 1,2 व 3 में डीबीएम एवं बीसी द्वारा सुधारीकरण का कार्य लागत 360.12 लाख, हल्द्वानी विद्युत वैकल्पिक व्यवस्था हेतु 33 केवीए रिंग मेनलाईन लागत 177 लाख, तेरह बीघा में 33 केवीए उपकेन्द्र का निर्माण लागत 205 लाख व संयुक्त निदेशक कृषि नवनिर्मित कार्यालय भवन लागत 35 लाख का भी लोकापर्ण किया गया.

इस कार्यक्रम के दौरान लोगों को सोबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में आईएसबीटी समय की आवश्यकता है. हल्द्वानी महानगर में बढती जनसंख्या को देखते हुए वाहनों का दबाव भी बढ़ रहा है. काफी समय से सरकार द्वारा यह अनुभव किया जा रहा था कि कुमाऊंवासियों को बेहतर आवगमन के लिए आधुनिकतम सुविधायुक्त अन्तरराज्यीय बस टर्मिनल मिले. इसका निर्माण होने से उत्तराखंड के साथ की कुमाऊं के लोग देश के विभिन्न राज्यों में सुगम यात्रा कर सकेंगे.

उन्होंने आईएसबीटी के निर्माण को लेकर कुमाऊं वासियों एव हल्द्वानी वासियों को अपनी शुभकामनाएं दीं. हरदा ने कहा कि राज्य में जल्द ही सात नए बस अडडों का शिलान्यास किया जाएगा. राज्य की बेहतर सड़कों पर लोगों के लिए उत्तम एवं आरामदायक परिवहन सुविधा मिले इसके लिए सरकार परिवहर तंत्र को मजबूत कर रही है. परिवहन निगम के बेड़ों में नई बसें शामिल की गई हैं. नई बसों की पहली खेप प्राप्त हुई है, जिन्हे पर्वतीय क्षेत्रों के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में लगा दिया गया है.

उन्होंने कहा, हमारा उददेश्य है कि हम 2018 तक सड़कों व बसों का नेटवर्क पूरा कर दें ताकि दूर-दराज के इलाकों तक परिवहन सुविधाएं लोगों को आसानी से मिल सकें. उन्होंने कहा कि राज्य में धार्मिक पर्यटक स्थलों को जोड़कर नए पर्यटन सर्किट तैयार किये जा रहे हैं. कुमाऊं की झांसी की रानी के तौर पर महसूर रानीबाग स्थित जियारानी घाट को पर्यटक स्थल के रूप मे विकसित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 40 लाख की धनराशि देने की घोषणा की.