कुमाऊं साहित्य महोत्सव में बोले शत्रुघ्न सिन्हा, ‘मुझे हमेशा ईमानदारी की कीमत चुकानी पड़ी’

बॉलीवुड अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि उन्हें अपने राजनैतिक और अभिनय कॅरियर में अपनी ईमानदारी की कीमत चुकानी पड़ी है.

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के तौर पर अपने संक्षिप्त कार्यकाल को याद करते हुए सिन्हा ने कहा, ‘जब मैं स्वास्थ्य मंत्री था तो मैंने तंबाकू विरोधी अभियान शुरू किया. मैं नहीं जानता कि यह सही है या गलत, लेकिन लोग कहते हैं कि मुझे स्वास्थ्य से जहाजरानी मंत्रालय में भेज दिया गया, क्योंकि तंबाकू लॉबी मेरे खिलाफ थी.’ बिहार से बीजेपी सांसद कॉर्बेट नगरी रामनगर में ‘कुमाऊं साहित्य महोत्सव’ को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा, ‘(मेरे राजनैतिक जीवन में) मेरे खिलाफ कोई आरोप नहीं लगे हैं और कभी-कभी उसके लिए आपको कीमत चुकानी पड़ सकती है. जब आप ईमानदार हैं तो आप अपने आस-पास के लोगों का रास्ता बंद कर देते हैं.’ शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उन्हें अपने अभिनय कॅरियर में भी इसी तरह की कीमत चुकानी पड़ी.

‘शॉटगन’ के नाम से मशहूर सिन्हा ने कहा कि उन्हें सबसे बड़ा खेद बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आदेश पर अपना राजनैतिक कॅरियर बॉलीवुड अभिनेता राजेश खन्ना के खिलाफ उपचुनाव लड़कर शुरू करने का है. सिन्हा ने कहा कि वह न सिर्फ चुनाव हार गए, बल्कि राजेश खन्ना के रूप में एक मित्र भी खो दिया.