डिस्ट्रक्टिव फ्रंट है पीडीएफ, पिछले चार साल में उत्तराखंड को जमकर लूटा : सुबोध उनियाल

बीजेपी नेता और नरेन्द्रनगर के पूर्व विधायक सुबोध उनियाल ने पीडीएफ पर निशाना साधते हुए उसे प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिव फ्रंट की जगह प्रोविंसियल डिस्ट्रक्टिव फ्रंट बताया है.

श्रीनगर गढ़वाल में एक पत्रकारवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि पीडीएफ ने पिछले साढ़े 4 सालों में राज्य को लूटने का काम किया है, लगातार अस्थिर करने का काम किया और राजनीति में एक नई परम्परा पॉलीटिकल बारगेनिंग को इस राज्य में स्थापित किया. उन्होंने कहा कि पीडीएफ जैसी ताकतों से इस राज्य को मुक्त होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में कोई भी दल हो, लेकिन उसे पूर्ण बहुमत मिले जिससे इस तरह के लोगों को बारगेनिंग और ब्लैकमेलिंग करने का अवसर न मिले. उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें राज्य के विकास की चिंता नहीं है, बल्कि अपनी कुर्सी बचाने की चिंता है.

उनियाल ने मुख्यमंत्री पर तीखा वार करते हुए कहा कि जिस राज्य के मुख्यमंत्री को सबने यह कहते देखा हो कि 25-30 करोड़ मंत्री अपने विभाग से लूट लें और मैं आंखें बंद रख लूंगा, तो इससे ज्यादा उस व्यक्ति के चरित्र के बारे में क्या कहा जा सकता है.

सुबोध उनियाल ने केदारनाथ में कैलाश खेर के कार्यक्रम के लिए दी गई करोड़ों की धनराशि को धन की बंदरबांट की संज्ञा देते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत की निंदा की. उन्होंने कहा कि ये 10 करोड़ रुपया अगर आपदा प्रभावितों के आंसू पोंछने पर खर्च होता तो ज्यादा अच्छा लगता.

उन्होंने मुख्यमंत्री के गुजरात में विज्ञापन पर सैंकड़ों खर्च करने सम्बन्धी बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि गुजरात से तुलना करनी है तो वहां के संसाधनों और औद्योगिक माहौल से तुलना कीजिए. उन्होंने कहा कि यदि कैलाश खेर के सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन यात्रा सीजन की शुरुआत में होता तो लगता कि पूरी दुनिया में संदेश देना चाहते हैं कि यात्रा सुरक्षित है.

कांग्रेस को छोड़ बीजेपी का दामन थामने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जैसे रामलीला के किरदार होते हैं वैसे ही हम भी इससे प्रभावित हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह हरीश रावत अहंकारी हो गए हैं रावण की तरह, तो उनके अहंकार को खत्म करने के लिए और उनकी लंका को समाप्त करने के लिए हमने बीजेपी में जाने का निर्णय लिया.

कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए कांग्रेस नेताओं के आने से बीजेपी में बेचैनी के सवाल पर उनियाल ने कहा कि कहीं कोई बेचैनी नहीं है. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति चाहता है कि मैं चुनाव लडूं और ये गलत भी नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग पहले से चुनाव के लिए तैय़्यारी कर रहे थे, उन्हें हमारे आने से कुछ परेशानी हो सकती है, लेकिन क्योंकि बीजेपी एक अनुशासित पार्टी है, तो हाईकमान को आदेश होगा वो सभी को मान्य होगा.